छत्तीसगढ़

अबूझमाड़ में नक्सलियों का भूमिगत ठिकाना ध्वस्त

नारायणपुर. जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए भूमिगत ठिकाने को नष्ट कर दिया है. थाना सोनपुर क्षेत्र के काकुर इलाके में गश्ती दल को तलाशी अभियान के दौरान यह अंडरग्राउंड संरचना मिली. जानकारी के अनुसार इसका उपयोग नक्सली गोपनीय बैठक, छिपने और गतिविधियों के संचालन के लिए करते थे. स्थिति की गंभीरता देखते हुए जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई से क्षेत्र में नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों पर खतरा बढ़ गया है. पुलिस लगातार सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रही है. अभियान का उद्देश्य आईईडी, विस्फोटक सामग्री और छिपाए गए डंप बरामद करना है. लगातार दबाव से नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ता दिख रहा है.

पर्यटन बसें गुजर रहीं, ठहराव से वंचित पड़ रहे दर्शनीय स्थल

हर दूसरे दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटकों से भरी बसें बस्तर होकर दक्षिण भारत की ओर निकल रही हैं, लेकिन बस्तर के पर्यटन स्थलों पर उनका ठहराव बेहद कम है. वजह साफ है समूह यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव. बस संचालकों का कहना है कि चित्रकोट, तीरथगढ़, दंतेवाड़ा जैसे स्थलों पर किचन शेड, पानी और पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है. यात्रियों के साथ खानशामा और भोजन सामग्री रहती है, मगर बस पार्किंग से दूर सुविधाएं होने के कारण सामान ढोना बड़ी समस्या बन जाता है. इसी कारण अधिकांश बसें बिना रुके आगे बढ़ जाती हैं. हर माह सौ से अधिक बसें बस्तर होकर गुजरती हैं, लेकिन स्थानीय पर्यटन को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा. संचालकों का कहना है कि यदि पार्किंग स्थल के पास भोजन शेड और पानी उपलब्ध कराया जाए तो हजारों यात्री यहां रुक सकते हैं. पर्यटन क्षमता होने के बावजूद सुविधाओं की कमी बस्तर को पीछे धकेल रही है. अब जरूरत योजनाओं को जमीन पर उतारने की है.

बैंकों की पार्किंग संकट से सड़कें बनी जाम का कारण

संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में दो दर्जन से अधिक बैंक संचालित हैं, लेकिन अधिकांश बैंकों में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. ग्राहक मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर बैंकिंग कार्य निपटा रहे हैं, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनती है. कई बार ट्रैफिक पुलिस को व्यवस्था संभालने पहुंचना पड़ता है. स्टेट बैंक की कलेक्ट्रेट शाखा में पार्किंग स्थल होने के बावजूद ग्राहकों को वाहन रखने की अनुमति नहीं मिलने से नाराजगी है. लोगों का सवाल है कि जब कर्मचारियों के वाहन खड़े हो सकते हैं तो उपभोक्ताओं को क्यों रोका जा रहा है. वर्षों से शहर में बैंक कॉम्प्लेक्स बनाने की मांग उठ रही है, मगर योजना आगे नहीं बढ़ सकी. पुराने मंडी परिसर के गोदामों को बैंक परिसर में बदलने का सुझाव भी लंबित है. लाखों उपभोक्ताओं की परेशानी के बावजूद ठोस पहल नहीं होना सवाल खड़े कर रहा है.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लौटाई सरकारी साड़ियां

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वितरित साड़ियों को लेकर जिले में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने साड़ियों की गुणवत्ता खराब बताते हुए सामूहिक रूप से उन्हें वापस कर दिया है. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कपड़ा पारदर्शी है और सार्वजनिक स्थान पर पहनना असहज व अपमानजनक है. इसके साथ ही निर्धारित 5.5 मीटर लंबाई के बजाय साड़ियां लगभग 5 मीटर या उससे कम निकलीं. उनका कहना है कि इतनी छोटी साड़ी पहनकर ड्यूटी करना कठिन है. पहली धुलाई में रंग उतरने की शिकायत भी सामने आई है. जिले के 1981 केंद्रों में वितरण होना था, लेकिन विरोध ने खरीदी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कार्यकर्ताओं ने गुणवत्ता मानकों की जांच और नई साड़ियों की मांग की है. मंत्री स्तर पर जांच और साड़ियां वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं.

विदेश टूर में लापरवाही पर ट्रैवल कंपनी पर जुर्माना

जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता हित में बड़ा फैसला सुनाते हुए हरियाणा की ट्रैवल कंपनी को राहत राशि लौटाने का आदेश दिया है. जगदलपुर निवासी महिला ने परिवार सहित हांगकांग और मकाव टूर बुक कराया था, जिसके लिए सात लाख रुपए जमा किए गए थे. शिकायत में कहा गया कि तय कार्यक्रम के अनुसार पर्यटक स्थलों पर नहीं घुमाया गया और चार सितारा होटल के बजाय सामान्य होटल में ठहराया गया. विदेश में भाषा संबंधी परेशानी से भी परिवार को भारी दिक्कत हुई. आयोग ने इसे सेवा में कमी और व्यावसायिक कदाचार माना. आदेश में कंपनी को 1 लाख 50 हजार रुपए वापस करने तथा 50 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति देने को कहा गया है. यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए अहम माना जा रहा है.

विद्युत कर्मियों ने आंदोलन की चेतावनी दी

राज्य विद्युत मंडल के आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है. संघ का कहना है कि लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, समाधान नहीं. कर्मचारियों में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बीच नाराजगी बढ़ रही है. प्रमुख मांगों में रात्रि भत्ता संशोधन, ड्यूटी के अनुसार भुगतान, ओवरटाइम व्यवस्था बहाल करना और सुरक्षा सैनिकों को जोखिम भत्ता शामिल है. ठेका श्रमिकों सहित सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण देने की मांग भी उठाई गई है. संघ ने पदोन्नति में तकनीकी डिग्री मान्यता, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की भी मांग रखी है. चेतावनी दी गई है कि यदि बिजली सेवा प्रभावित होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.

ऑपरेशन मुस्कान में गुमशुदा युवती सुरक्षित बरामद

माकड़ी थाना पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा युवती को खोजकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया. सोहंगा निवासी पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री 31 मार्च से घर से लापता है. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम गठित कर लगातार तलाश शुरू की गई. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई गई. खोजबीन के दौरान युवती को कोंडागांव के बाजार पारा क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया गया. आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद युवती को परिवार को सौंप दिया गया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली है. ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार ऐसे मामलों में सफलता मिल रही है.

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