लेख
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सियासी दलों को सुप्रीम कोर्ट का सबक
सीजेआई ने दूरदर्शिता अपनाते हुए अगले ही दिन प्रेस कांफ्रेंस करके स्थिति स्पष्ट कर दी ताकि राजनीतिक दल उसकी बातों…
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दशानन की दस बातें…
रामलीला देखकर देर रात घर लौट रहा था। सामने सडक़ पर देखा तो एक विशालकाय आदमी मेरी ओर चला आ…
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‘माफियाओं के शिकंजे में देश’ थम नहीं रहा अवैध सिलसिला!
आज देश में जहां एक ओर भ्रष्टाचार तथा महंगाई ने लोगों का जीना दूभर कर रखा है, वहीं दूसरी ओर…
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स्त्री की आजादी पर पहरा क्यों, सुरक्षा के नाम पर कब तक रहेगी कैद?
जब हम स्त्री की अस्मिता के संघर्ष पर गौर करते हैं, तो सदियों की यात्रा आंखों के सामने दौड़ जाती…
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डिजिटल मायाजाल और क्रिएटर भ्रम
जो मात्र 4 प्रतिशत चैनल इस यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (वाईपीपी) में शामिल हो भी जाते हैं, उनमें से भी अधिसंख्य…
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युवा शक्ति ही साकार करेगी विकसित भारत का सपना
सभी विद्यार्थियों से एक जैसी उपलब्धियों की अपेक्षा करना उचित नहीं है। किसी की रुचि विज्ञान में हो सकती है,…
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पर्यटन : भारत की अगली बड़ी छलांग सांझेदारी पर क्यों आधारित होनी चाहिए?
भारत में गंतव्य स्थलों की कभी कोई कमी नहीं रही। कमी अगर रही है, तो बस उस संस्थागत परिकल्पना की,…
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विश्वास और गौरव से भरा आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष उनकी उस वैचारिक यात्रा को देखने का अवसर है, जिसमें एक…
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पेयजल के बिना कैसा विकसित भारत?
नीति आयोग की कंपोजिट वॉटर मैनेजमेंट इंडेक्स रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में पानी की वजह से हर साल…
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विरोध, अव्यवस्था और पुलिस का कठिन कर्तव्य
लोकतंत्र केवल मतपेटी में बंद मतों का नाम नहीं है। वह उस सांस का भी नाम है, जिसमें नागरिक अपनी…
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