संपादकीय
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ट्रंप की मध्यावधि हार
राष्ट्रपति टं्रप की मध्यावधि चुनावों में करारी हार हुई है। बेशक वह अमरीका के राष्ट्रपति बने रहेंगे, लेकिन उनका करीब…
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क्या एसआईआर ‘बेमानी’ है?
अंतत: चुनाव आयोग को लौट कर उसी बिंदु पर आना पड़ा, जहां से उसने मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए…
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ईरान पर ‘परमाणु हमला’
नौवीं बार संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अमरीका ईरान पर ‘परमाणु हमला’ कर सकता है! राष्ट्रपति टं्रप इजरायल के…
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क्या संसद ‘अवैध’ है?
राजधानी दिल्ली के ‘रामलीला मैदान’ में विपक्ष के 21 दलों की साझा ‘वोट चोरी’ रैली सफल रही अथवा नहीं रही,…
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भारत की गरीबी के अर्धसत्य
क्या भारत में गरीबी ‘नगण्य’ स्तर पर आ रही है? क्या बहुत जल्द ‘गरीबी-रेखा’ की अवधारणा और मानकता समाप्त हो…
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ऐसी संसद का औचित्य
हम आपको 20 अगस्त, 2010 का एक घटनाक्रम बताते हैं। तब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार थी। डा.…
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हलफनामे में सवाल यथावत
सर्वोच्च अदालत में दाखिल चुनाव आयोग के 248 पन्नों के हलफनामे में कई सवाल अनुत्तरित हैं। दो चुनाव आयुक्तों-सुखबीर सिंह…
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भारत में संकटों का दौर
राष्ट्रपति टं्रप ईरान पर बम गिराएंगे या नहीं अथवा मध्यावधि चुनाव के बाद हमलों का नया दौर शुरू करेंगे, यह…
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‘मां-बाप’ को तो बख्श दें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने एक जनसभा के मंच से लगभग चीखते हुए कहा-‘मोदी तो क्या, मोदी का बाप भी…
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‘विदेशी साजिशों’ की राजनीति
विदेशी ताकतों की साजिश’ एक राजनीतिक मुहावरा बन कर रह गया है। यह आज की राजनीति में ही नहीं, बल्कि…
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