आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा

महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमापार से आये आतंकवादियों के हमले में 26 भारतीय यात्री नागरिकों की उनका हिन्दू धर्म पूछ कर हत्या कर दी गई.
आरएसएस के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद हमारे नेतृत्व का संकल्प, सशस्त्र बलों की वीरता और समाज की एकता उजागर हुई. आतंकवादियों ने पाहलगाम में 26 भारतीयों की हत्या की. इसके बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया. आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं की हत्या की. हमारी सरकार और सेना ने पूरी तैयारी के साथ इसका जोरदार जवाब दिया. इस घटना ने हमें दोस्त और दुश्मन की पहचान करावा दी.
हमले से पूरा देश शोक और गुस्से में था : भागवत
भागवत ने कहा कि सीमा पार से आए आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 भारतीयों की हत्या की. इस हमले से पूरा देश शोक और गुस्से में था. पूरी तैयारी के साथ हमारी सरकार और सशस्त्र बलों ने इसका बेहतरीन जवाब दिया. देश में सरकार की निष्ठा, सशस्त्र बलों की वीरता और समाज की एकता ने आदर्श वातावरण प्रस्तुत किया. इस घटना और ऑपरेशन के बाद विभिन्न देशों की भूमिका ने हमारे सच्चे मित्रों की पहचान कराई. वहीं, देश के भीतर भी असंवैधानिक तत्व हैं जो देश को अस्थिर करने का प्रयास करते हैं. इस अनुभव ने देश की एकता और सुरक्षा की आवश्यकता को और मजबूती दी.
समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर देख रही है दुनिया: संघ प्रमुख
मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर देख रही है. पूरी दुनिया चाहती है कि भारत उदाहरण प्रस्तुत करे और दुनिया को सही राह दिखाए. उन्होंने कहा कि आज हम संघ के 100 साल पूरे होने के अवसर पर विजयादशमी कार्यक्रम में एकत्र हुए हैं. इस वर्ष शहीद श्री गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत की वर्षगांठ भी है. हम उन सभी का सम्मान करते हैं जिन्होंने अन्याय और उत्पीड़न से समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. आज महात्मा गांधी जयंती भी है.उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा. इस अवसर पर हम उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.




