अंतर्राष्ट्रीय

कमला हैरिस बिल्कुल वही कर रही हैं जो उनकी पार्टी उनसे चाहती है

जब मैंने सुना कि अमरीका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस मिशिगन में डेमोके्रटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद के साथ चुनाव प्रचार में शामिल होने जा रही हैं, तो मैंने उसी तरह की जोशीली और विशाल रैलियों की कल्पना की, जो उनके 107 दिनों के व्हाइट हाऊस अभियान की पहचान थीं। इसकी बजाय, हैरिस डेट्रॉयट में अफ्रीकी-अमरीकी मातृ स्वास्थ्य गोलमेज सम्मेलन (राउंडटेबल) कार्यक्रम में अल-सईद के साथ नजर आईं। यह डेमोक्रेटिक वोट बैंक के उन हिस्सों को साधने के अल-सईद के प्रयासों का संकेत था, जिन्होंने उनके प्राइमरी प्रतिद्वंद्वी हेली स्टीवंस को प्राथमिकता दी थी। यह इस बात का भी संकेत था कि हैरिस—जिनके बारे में कहा जाता है कि वे व्हाइट हाऊस के लिए तीसरी बार दावेदारी पर विचार कर रही हैं—यदि 2028 में चुनाव लडऩे का फैसला करती हैं, तो उनके लिए केवल एक सीमित दायरे (विशिष्ट वर्ग) की उम्मीदवार से आगे निकल पाना कठिन होगा।

हालांकि हैरिस को उन अफ्रीकी-अमरीकी मतदाताओं के बीच बढ़त मिल सकती है जिनकी अल-सईद को मिशिगन में सीनेट चुनाव जीतने के लिए जरूरत है—जैसे कि अफ्रीकी-अमरीकियों में उम्रदराज मतदाता और महिलाएं—लेकिन यह ताकत उनकी अपनी खुद की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। मिशिगन में उनकी मौजूदगी और इस साल अन्य डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों द्वारा उनसे बनाई जा रही दूरी, इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि हैरिस संभवत: राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगी। और सच कहें तो, यदि इस अनुकूल मध्यावधि चक्र में भी पार्टी द्वारा उन्हें व्यापक रूप से स्वीकार नहीं किया जा रहा है, तो उन्हें चुनाव लडऩा भी नहीं चाहिए। हैरिस स्पष्ट रूप से यह दिखाना चाहती हैं कि वे—और व्यापक रूप से वे मतदाता जो उन्हें सबसे अधिक पसंद करते हैं—2026 में डेमोके्रट्स को जीतने में मदद कर सकते हैं। वे आने वाले हफ्तों में नेवादा और जॉर्जिया में भी उपस्थित होने वाली हैं, और उन्होंने कहा है कि ‘यदि हम ‘26 पार नहीं कर पाए, तो’ 28 का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।’

अमरीकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों को लेकर रिपब्लिकन के रुख पर उन्होंने कहा, ‘वे बेईमानी कर रहे हैं।’ डेट्रॉयट में मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर केंद्रित धार्मिक नेताओं की एक सभा में उन्होंने कहा, ‘वे हमारे रास्ते में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। हमारे पास ताकत है, और इसलिए मध्यावधि चुनाव में 42 दिन बचे होने के इस माहौल में, मैं यही कहूंगी कि हमें इतनी भारी संख्या में मतदान करना होगा कि किसी भी धांधली की गुंजाइश ही न बचे।’ पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी अल-सईद ने अगस्त की प्राइमरी में लगभग एक प्रतिशत अंक से बेहद करीबी जीत हासिल की थी, जिसमें कॉलेज-शिक्षित उदारवादियों, अरब अमरीकियों और युवा मतदाताओं का उन्हें मजबूत समर्थन मिला था। लेकिन उन्हें उम्रदराज अफ्रीकी-अमरीकी मतदाताओं को साधने में संघर्ष करना पड़ा—यह वह मतदाता वर्ग है जिसकी उन्हें नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स को हराने के लिए सख्त जरूरत होगी। यह संयुक्त कार्यक्रम, भले ही छोटा था, लेकिन ऐसे मतदाताओं को अपने पाले में लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। 

सफोक यूनिवर्सिटी के एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, अल-सईद 47 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के  साथ रोजर्स पर 7 अंकों की बढ़त बनाए हुए हैं। हैरिस के साथ प्रचार करने के सवाल पर अल-सईद ने कहा, ‘हमारा राज्य बेहद विविधतापूर्ण और बहुत बड़ा है और… जैसा कि हम उस गठबंधन के निर्माण की ओर देख रहे हैं जो माइक रोजर्स को हराने जा रहा है, जो हमारे गैस (ईंधन) की कीमतों को कम करेगा, और ईश्वर ने चाहा तो इस बेतुके युद्ध को समाप्त करेगा—हमें उन चुनौतियों पर बात करने के लिए जितना संभव हो सके उतने लोगों को साथ जोडऩा होगा जिनका हम सामना कर रहे हैं।’ अपनी ओर से रोजर्स, जो 2024 में लगभग 19,000 वोटों से हार गए थे, अफ्रीकी-अमरीकी वोटों को अल-सईद के लिए छोडऩे को तैयार नहीं हैं। 

रोजर्स ने एक बयान में कहा, ‘अब्दुल अल-सईद ने तो कमला हैरिस के लिए प्रचार करने को अपने राजनीतिक करियर का ‘सबसे कठिन अनुभव’ तक कहा था।’ ‘हम यह कल्पना भी नहीं कर सकते कि कमला हैरिस इस समय अब्दुल अल-सईद के लिए प्रचार करते हुए इससे अलग कुछ महसूस कर रही होंगी।’अल-सईद के साथ चुनाव प्रचार में हैरिस की उपस्थिति संभवत: उस भूमिका की एक झलक है जो वे 2028 में निभाएंगी। एक उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि उस महत्वपूर्ण मतदाता वर्ग के लिए एक सेतु के रूप में, जिसे डेमोक्रेट्स अक्सर हल्के में लेते रहे हैं।– निया-मलिका हेंडरसन

Related Articles

Back to top button