नवरात्रि में अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें? इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रि 2025 में अखंड ज्योति जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह मां दुर्गा की शक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक है. लेकिन कभी-कभी भूलवश या हवा से दीपक बुझ सकता है. ऐसे में घबराएँ नहीं, सही विधि और श्रद्धा के साथ इसे पुनः प्रज्वलित करना ही उचित है.
अखंड का मतलब है अटूट और ज्योति का अर्थ है प्रकाश. नवरात्रि के दौरान जलाई जाने वाली अखंड ज्योति देवी दुर्गा की शक्ति, पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक मानी जाती है. नवरात्र में अखंड ज्योति जलाना बेहद शुभ होता है और यह भक्ति का एक प्रमुख अंग है.
माता दुर्गा की विशेष कृपा
नवरात्र के नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने से माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. जिस घर में यह पवित्र दीपक नौ दिनों तक निरंतर जलता है, वहाँ मां दुर्गा की उपस्थिति और आशीर्वाद बने रहते हैं. यह ज्योति न केवल संकटों से रक्षा करती है बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और शांति के मार्ग भी खोलती है.
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
अखंड ज्योति जलाने से घर के वातावरण से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है. इस दीपक की लौ पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक है. इसके निरंतर जलने से घर का वातावरण शुद्ध और ऊर्जा से भरा रहता है.
सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
मां दुर्गा अखंड ज्योति से प्रसन्न होकर परिवार को सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद देती हैं. इस दीपक की ऊर्जा से परिवार के सदस्यों की उन्नति और प्रगति होती है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं.
पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति
अखंड ज्योति जलाना न केवल पुराने कर्मों के दोषों को कम करता है, बल्कि पुण्य की प्राप्ति का भी मार्ग प्रशस्त करता है. यह भक्ति और आत्मशुद्धि दोनों का प्रतीक है.
देखभाल और सही विधि
नवरात्रि के नौ दिनों तक अखंड ज्योति को निरंतर जलाए रखना चाहिए. इसके लिए समय-समय पर घी या तेल डालते रहें. यदि हवा या भूलवश दीपक बुझ जाए तो घबराएं नहीं, माता दुर्गा से क्षमा मांगकर दीपक को पुनः प्रज्वलित करें. यह दीपक केवल रोशनी नहीं, बल्कि मां दुर्गा के आशीर्वाद और शक्ति का प्रतीक है.




