संपादकीय

‘नशे की ओवरडोज से’ मर रहे युवा-उजड़ रहे परिवार!

वर्ष 2026 में नशे के अधिक सेवन (ड्रग ओवरडोज) से हुई युवाओं की मौतों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में परिवार उजड़ रहे हैं।  19 मार्च को ‘मिजोरम’ के आबकारी और नार्कोटिक्स विभाग ने अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 19 मार्च तक राज्य में नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन (ड्रग एब्यूज) के कारण 19 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी थी, जिनमें 17 पुरुष और 2 महिलाएं थीं। 

इसी प्रकार मई, 2026 में ‘शिमला’ (हिमाचल प्रदेश) स्थित  ‘आई.जी.एम.सी. अस्पताल’ की फोरैंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस वर्ष अकेले मई महीने के भीतर ही 5 स्थानीय युवाओं (मुख्यत: टैक्सी ड्राइवरों) की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई। इससे पहले, मार्च, 2026 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य सरकार ने बताया था कि जनवरी, 2026 तक पिछले 3 वर्षों में राज्य के 66 युवाओं ने ड्रग ओवरडोज के कारण अपनी जान गंवाई है।
‘राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो’ (एन.सी.आर.बी.) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार ड्रग्स की ओवरडोज के कारण मौतों के मामले में तमिलनाडु के बाद पंजाब दूसरे स्थान पर है। तमिलनाडु में नशे की ओवरडोज से 2024 में 313 मौतें हुईं तथा इसी अवधि में पंजाब में नशे की ओवरडोज के कारण 106 लोगों की मौत हुई।  इस वर्ष पिछले 3 महीनों में देश के विभिन्न भागों में नशे के अधिक सेवन सेे हुई मौतों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : 

* 20 जुलाई को ‘भोपाल’ (मध्य प्रदेश) के ‘कोलार’ में  इंजैक्शन से नशा करने वाले युवक ‘अक्षय काकोडिय़ा’ की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई। वह नशा छुड़ाने के लिए दी जाने वाली ‘ओपिओइड सब्सटीच्यूशन थैरेपी’ (ओ.एस.टी.) की दवा में ‘एविल’ की गोली मिला कर घोल तैयार करके उसका इंजैक्शन लगाता था। घटना के दिन वह अपने घर के नजदीक मैदान में नशा करने के बाद वहीं सो गया और फिर नहीं उठा।
* 9 अगस्त को ‘गोरखपुर’ (उत्तर प्रदेश) में शराब और नशीली गोलियों की ओवरडोज से ‘दिलीप’ नामक एक टैम्पो मिस्त्री की मौत हो गई और वह अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को रोते-बिलखते छोड़ गया।  
* 28 अगस्त को ‘सिरमौर’ (हिमाचल प्रदेश) के ‘भटोली कलां’ में नशे की ओवरडोज के कारण एक 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
* 29 अगस्त को ‘गुरदासपुर’ (पंजाब) के ‘बुड्ढा बाला’ गांव में 25 वर्षीय युवक ‘बचित्तर सिंह’ की नशे की ओवरडोज से जान चली गई। उसके पिता के अनुसार सुबह नशे का अत्यधिक सेवन करने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी जिसका परिणाम उसकी मौत के रूप में निकला। 

* 26 सितम्बर को ‘विदिशा’ (मध्य प्रदेश) में नशे की ओवरडोज से ‘आदर्श मालवीय’ नामक 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
* 3 अक्तूबर को ‘तलवंडी साबो’ (पंजाब) के ‘माही नंगल’ गांव में 23 वर्षीय ‘राजप्रीत सिंह’ का शव गांव के बाहर एक नहर के पास लावारिस हालत में बरामद हुआ। मौत के समय उसकी बांह में नशे की सिरिंज (इंजैक्शन) लगी हुई थी। परिजनों के अनुसार, वह पिछले 6 महीनों से ‘चिट्टा’ के अत्यधिक नशे का आदी हो चुका था।

* 15 अक्तूबर को ‘फतेहगढ़ साहिब’ (पंजाब) के ‘सरङ्क्षहद’ में अत्यधिक नशा करने के कारण एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
* 19 अक्तूबर को ‘नालंदा’ (बिहार) में एक ई-रिक्शा ड्राइवर ‘राहुल’ का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार दोस्तों के साथ नशा करने के दौरान ड्रग्स की ओवरडोज से उसकी जान गई है।
इस तरह की घटनाओं को देखते हुए नशों की बुराई पर मजबूती के साथ रोक लगाने तथा दोषियों को कड़ा दंड देने की जरूरत है ताकि नशे के कारण परिवारों को उजडऩे से बचाया जा सके, क्योंकि अब न केवल उत्तर-पश्चिम से बल्कि देश के उत्तर-पूर्वी भाग से भी नशे भारत में आ रहे हैं जिस पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। 

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