स्वास्थ्य

नहाते वक्त पेशाब आना क्या खराब सेहत की निशानी? प्रेमानंद महाराज ने बता दी इस दिक्कत की हकीकत

Is Urinating In The Shower A Health Problem: नहाते समय यूरिन आने की दिक्कत को हम सामान्य मानकर टाल देते हैं. इसको लेकर आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज जी ने विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि यह दिक्कत यूं ही नहीं होती, इसके पीछे कारण होते हैं. उनका कहना है कि जैसे ही व्यक्ति नहाना शुरू करता है, शरीर आराम की मुद्रा में चला जाता है. शरीर जब रिलैक्स होता है तो दबाव रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू होती है. यह कभी यूरिन के रूप में, कभी थकान के रूप में और कभी तनाव के रूप में दिखाई देता है. उनके अनुसार नहाना केवल शरीर को साफ करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें शरीर, मन और चेतना भी जुड़ी होती है. पानी का स्पर्श और उससे मिलने वाला आराम इस प्रतिक्रिया को सक्रिय कर सकता है.

चलिए आपको बताते हैं कि इसको लेकर साइंस और डॉक्टर क्या कहते हैं. क्या यह आदत सामान्य है या फिर आपकी सेहत को लेकर कोई गंभीर चेतावनी है, जिस पर आपको ध्यान देना चाहिए?

क्या इससे कोई बीमारी होती है?

नहाते वक्त पेशाब आना कई लोगों के लिए सामान्य बात लग सकती है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स इसे लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद इस आदत को लेकर चर्चा तेज हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि खासकर महिलाओं के लिए शॉवर में खड़े होकर पेशाब करना लंबे समय में नुकसानदेह हो सकता है.

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बहते पानी की आवाज दिमाग को यूरिन से जोड़ सकती है. बार-बार ऐसा करने से ब्लैडर उस साउंड के साथ कंडीशन हो सकता है, जिससे अचानक यूरिन की तीव्र इच्छा या लीकेज की समस्या बढ़ सकती है. ओबी-जीवाईएन डॉ. एम्मा कुरेशी ने चेतावनी दी है कि यह आदत पेल्विक फ्लोर मसल्स को कमजोर कर सकती है, क्योंकि खड़े होकर पेशाब करना शरीर की नेचुरल पोजीशन नहीं है. इसलिए बेहतर यूरिनरी हेल्थ के लिए बैठकर पेशाब करना अधिक उचित माना जाता है. पुरुषों के लिए भी, खासकर बढ़ती उम्र में, बैठकर पेशाब करने से ब्लैडर अधिक आराम से खाली हो सकता है. हाइजीन के लिहाज से भी यह आदत पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जाती. अगर बाथरूम साझा है तो बैक्टीरिया सतह पर रह सकते हैं.

New York Post की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बेहतर यूरिनरी हेल्थ के लिए बैठकर पेशाब करें, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज जैसे केगेल्स करें और अगर बार-बार अर्जेंसी या लीकेज हो तो डॉक्टर से सलाह लें. छोटी-सी सुविधा भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए सावधानी जरूरी है.

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