‘पाक सीमा से हथियारों की तस्करी’, अधिक चौकसी-एंटी ड्रोन सिस्टम आवश्यक!

सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) ने 2025 में नवम्बर तक पाकिस्तान से तस्करी करके भारत भेजे गए कुल 662 हथियार जब्त किए थे। इनमें 454 राइफलें, 10 किलो से ज्यादा आर.डी.एक्स. और 12 हैंड ग्रेनेड शामिल थे। इसके साथ ही बी.एस.एफ. ने 2025 में 272 पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए। यह सिलसिला रुक नहीं रहा और हथियारों की तस्करी लगातार जारी है। हाल ही में पाकिस्तान से हथियार तस्करी के सामने आए मामले निम्न में दर्ज हैं :
* 25 मार्च को ‘दिल्ली’ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हथियार तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 तस्करों को 21 विदेशी पिस्तौलों, सब-मशीनगन, आटोमैटिक फायर आम्र्स और 200 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पाकिस्तान सहित अन्य देशों से हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों को बेचता था।
* 29 मार्च को ‘अमृतसर’ पुलिस द्वारा छहर्टा इलाके में लगाए गए नाके के दौरान बाइक सवारों द्वारा पुलिस को देखकर जल्दबाजी में फैंके गए एक बैग में से दो 9 एम.एम. सब-मशीनगन और एक खाली मैगजीन बरामद किए गए। बाइक सवार दोनों आरोपी मौके से भागने में कामयाब हो गए।
* 4 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने ‘चंडीगढ़’ में भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों ने पाकिस्तान के जरिए भारत लाए गए चीन में बने हैंड ग्रेनेड पी-86 से भाजपा मुख्यालय के बाहर हमला किया था।
* 4 अप्रैल को ही गुजरात में आतंकवाद रोधी दस्ते (ए.टी.एस.) और गुजरात पुलिस ने मिलकर पंजाब में ग्रेनेड तस्करी करने वाले ‘विक्रमजीत सिंह’ नामक तस्कर को गिरफ्तार किया।
‘विक्रमजीत’ का संबंध पाकिस्तानी गैंगस्टरों से है और उसका नाम पंजाब में पुलिस थानों और अन्य स्थानों पर किए गए ग्रेनेड हमलों में शामिल है।
* 6 अप्रैल को ‘दिल्ली’ पुलिस ने 2 तस्करों को गिरफ्तार करके उनसे एक पिस्तौल, 11 कारतूस और एक कार बरामद की। आरोपी ‘मोहम्मद कामरान’ और ‘इमरान’ पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आई.एस.आई. से जुड़े हुए हैं और पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी शामिल हैं।
* 6 अप्रैल को ही पंजाब पुलिस के काऊंटर इंटैलीजैंस सैल ने आई.एस.आई. से जुड़े हथियार तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 2 हैंड ग्रेनेड और विदेश में बने एक ग्लॉक पिस्तौल के साथ 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।
पंजाब पुलिस के डी.जी.पी. ‘गौरव यादव’ के अनुसार बरामद हथियार पाकिस्तान आर्डीनैंस फैक्टरी के बने हुए हैं। पुलिस ने यह गिरफ्तारी गुजरात ए.टी.एस. द्वारा सांझी की गई एक खुफिया जानकारी के आधार पर की।
इसी बीच नैशनल इन्वैस्टीगेशन एजैंसी (एन.आई.ए.) ने 6 अप्रैल को ‘अमृतसर’ में पाकिस्तानी आतंकी ‘जसवीर चौधरी’ और उसके सहयोगी ‘शुभम कुमार’ और अन्य के खिलाफ 10 फरवरी को दर्ज मामले की जांच शुरू की है। यह मामला पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हो रही हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी से जुड़ा है।
पुलिस ने ‘जसवीर चौधरी’ के जरिए भारत भेजी गई विस्फोटकों की एक बड़ी खेप बरामद की थी। एन.आई.ए. को संदेह है कि यह तस्करी भारत में आतंकी हमले करने के लिए रची गई किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। पाकिस्तान भारत के साथ सीधी जंग में हर बार मुंह की खाता रहा है। इसलिए वह हथियारों की तस्करी के जरिए भारत के साथ छद्म युद्ध छेड़े हुए है। ऐसे में सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने की जरूरत है। इसके साथ ही भारत में पाकिस्तानी तस्करों का साथ देने वाले अपराधियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि पाकिस्तान से होने वाली हथियारों की तस्करी पर लगाम लग सके।




