बजट 2026-27 से जुड़े पूर्वानुमान

उद्योग जगत के प्रतिभागियों ने आगामी बजट के लिए इनोवेशन और अनुसंधान एवं विकास और निर्यात उन्मुख क्षेत्रों को समर्थन, रोजगार सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को शीर्ष प्राथमिकताएं बताया है। सर्वे में शामिल लोगों ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भू-राजनीतिक जोखिम, रोजगार सृजन और निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रमुख चुनौतियों के रूप में भी चिन्हित किया है। 2025-26 में नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपए तक की सालाना कमाई को टैक्स फ्री कर दिया गया था, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिली। कृषि क्षेत्र में पिछले बजट के कई ऐलान अभी लागू नहीं हुए हैं। पिछले साल कृषि को अर्थव्यवस्था का पहला इंजन बताया गया था। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई थी…
एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा। खास बात यह है कि इस बार बजट रविवार को पेश होगा, जो पिछले कुछ सालों में कम ही हुआ है। पिछले साल सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स फ्री करके आम लोगों को बड़ी राहत दी थी, और इस बार उम्मीदें और बड़ी हैं। माननीय राष्ट्रपति जी ने सरकार की सलाह पर संसद के दोनों सदनों को बजट सत्र के लिए बुलाया है। यह सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र दो हिस्सों में होगा जिसमें पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। इस दौरान बजट के अलावा कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और कई महत्वपूर्ण बिल पास होने की उम्मीद है। बड़े नामों से ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड उनके नाम होगा। पिछले बजटों में उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं और क्या इस बार भी देश की आर्थिक दिशा तय करने में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा? देश की आर्थिक स्थिति 2026-27 में गति पकडऩे की उम्मीद पकड़ सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय, राजकोषीय अनुशासन और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने वाले सुधारों पर जोर बने रहने की संभावना है। आगामी केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन और कौशल विकास को प्रमुख प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर पैदा करना और स्किल ट्रेनिंग को मजबूत करना होगा। बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर भी जोर रहने की उम्मीद है।




