मध्यप्रदेश

भोपाल: चीनी मांझे से बाइक सवार कॉन्स्टेबल की कटी गर्दन, अस्पताल में लगे 5 टांके

भोपाल. पॉलिटेक्निक स्क्वायर के पास शुक्रवार शाम एक दुखद हादसा हो गया. मोटरसाइकिल से जा रहे 40 साल के पुलिस कॉन्स्टेबल रवि शिल्पी की गर्दन में चीनी मांझा (कांच लगा धागा) फंस गया. मांझा इतना तेज था कि उनकी गर्दन पर गहरा कट लग गया और उन्हें अस्पताल में 5 टांके लगवाने पड़े. रवि शिल्पी तलैया थाने में तैनात हैं. शाम करीब 6:45 बजे जब वह नेहरू नगर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. अंधेरा होने के कारण उन्हें पतंग की डोर दिखाई नहीं दी.

श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने के लिए जांच कर रही है जिसने पतंग उड़ाई थी और खतरनाक डोर का इस्तेमाल किया. पुलिस ने BNS की धारा 125(A) के तहत मामला दर्ज किया है, जो जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले काम से चोट पहुंचाने से संबंधित है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मतुाबिक, SHO नीलम पटवा ने बताया कि इस इलाके में बच्चे अक्सर पतंग उड़ाते हैं और शाम का समय होने के कारण शिल्पी को डोर दिखाई नहीं दी.

इस घटना ने दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए कांच-कोटेड चीनी मांझे से होने वाले खतरे को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है. दिसंबर 2025 में, तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने इसकी मजबूती और कांच के कणों का हवाला देते हुए भोपाल में इसके इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था.

चीनी मांझे पर क्यों है बैन?

चीनी मांझे कांच के टुकड़ों की कोटिंग होती है, जो बेहद मजबूत और खतरनाक होता है. यह इंसानों की जान लेने के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होता है. भोपाल पुलिस कमिश्नर ने दिसंबर 2025 में ही इसके इस्तेमाल, बिक्री और रखने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. इसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाई और इस साल जनवरी में पिपलानी, अयोध्या नगर और बिलखिरिया पुलिस ने मामले दर्ज किए और भारी मात्रा में इसे जब्त किया. इसके बावजूद इसका इस्तेमाल जारी है, जिसे लेकर पुलिस अब सख्त कार्रवाई कर रही है.

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