दिल्ली

हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को ले गई साथ

नेशनल डेस्कः हिमाचल प्रदेश में शनिवार को एक असामान्य घटनाक्रम देखने को मिला, जब दो अलग-अलग राज्यों की पुलिस टीमें आमने-सामने आ गईं। मामला तीन इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिसे लेकर अब कानूनी और राजनीतिक विवाद गहराता दिख रहा है।

शिमला से दिल्ली ले जाने पर विवाद

सूत्रों के मुताबिक, बीते सप्ताह दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में हिमाचल पुलिस ने दावा किया कि शिमला से की गई यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना और कानूनी औपचारिकताओं के की गई।

शनिवार को जब दिल्ली पुलिस की टीम हिरासत में लिए गए युवकों को लेकर राज्य से बाहर जा रही थी, तब शिमला और सोलन के बीच शोघी बैरियर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोक लिया। हिमाचल पुलिस का कहना था कि आरोपियों को दूसरे राज्य ले जाने से पहले स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेना अनिवार्य है।

रिजॉर्ट से ‘जबर्दस्ती ले जाने’ का आरोप

मामला तब और उलझ गया जब शिमला पुलिस ने चिरगांव थाने में एक एफआईआर दर्ज की। शिकायत में कहा गया कि मंडली क्षेत्र के एक रिजॉर्ट से सादे कपड़ों में आए 15-20 लोगों ने तीन व्यक्तियों को जबरन साथ ले लिया और सीसीटीवी सिस्टम का डीवीआर भी हटाया।शिमला के एसपी गौरव सिंह के अनुसार, कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि एफआईआर में नाम अज्ञात व्यक्तियों के हैं, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला दिल्ली पुलिस की टीम से जुड़ा है।

हाईवे पर तीखी नोकझोंक

घटनास्थल से सामने आए वीडियो में दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच बहस साफ सुनी जा सकती है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का कहना था कि वे कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी कर रहे हैं, जबकि हिमाचल पुलिस ने आरोप लगाया कि बिना वैध ट्रांजिट आदेश के लोगों को राज्य से बाहर ले जाना कानून का उल्लंघन है। बताया जा रहा है कि कुछ समय के लिए दिल्ली पुलिस के कई अधिकारियों को भी रोका गया और बाद में मामला अदालत तक पहुंचा।

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