व्यापार

10 साल में पहली बार देश में घटी LPG ग्राहकों की संख्या, उज्ज्वला योजना को भी झटका, जान लीजिए वजह

नई दिल्ली: देश में एक दशक से भी ज्यादा समय में पहली बार एलपीजी ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है। इस साल अप्रैल और अगस्त के बीच देश में LPG इस्तेमाल करने वाले परिवारों की संख्या में लगभग 62 लाख की कमी आई। ईरान युद्ध के कारण सप्लाई में दिक्कत आई थी। इसके चलते तेल कंपनियों को नए कनेक्शन देने बंद करने पड़े और मौजूदा कनेक्शनों को भी व्यवस्थित करना पड़ा था। ईटी की एक रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों से हवाले से यह दावा किया गया है।

आंकड़ों के मुताबिक देश में एक्टिव घरेलू LPG ग्राहकों की संख्या अप्रैल की शुरुआत में 33.39 करोड़ थी, जो सितंबर की शुरुआत में घटकर 32.77 करोड़ रह गई। गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना में भी ग्राहकों की संख्या लगभग 6 लाख घटकर 10.57 करोड़ रह गई।

क्यों आई गिरावट?

एलपीजी ग्राहकों की संख्या में गिरावट ऐसे समय में आई है जब ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र से LPG की सप्लाई सीमित हो गई है। युद्ध से पहले भारत के कुल इंपोर्ट का लगभग 90% हिस्सा इसी क्षेत्र से आता था। इंडस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि सप्लाई में कमी के बीच, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने परिवारों को नए LPG कनेक्शन देना बंद कर दिया।

साथ ही तेल कंपनियों ने आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सहारा लिया ताकि इनएक्टिव ग्राहकों को हटाया जा सके। पिछले दशक में भारत में LPG ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। एक्टिव LPG ग्राहकों की संख्या 2015-16 की शुरुआत में 14.86 करोड़ थी, जो मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में 33.39 करोड़ हो गई।

PNG का रुख

2018-19 तक के चार साल में ग्रोथ 11.9% से 19.6% के बीच रही, लेकिन कुल ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ यह धीमी होकर लगभग 5% या उससे कम हो गई। इस फाइनेंशियल ईयर में ग्राहकों की संख्या में 1% की कमी आई है। साथ ही सरकार उन इलाकों में LPG ग्राहकों को नेचुरल गैस अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है जहां PNG इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा मौजूद है।

इस फाइनेंशियल ईयर में जुलाई तक सिटी गैस कंपनियों ने लगभग 0.6 मिलियन PNG कस्टमर जोड़े, जिससे कुल संख्या 17.5 मिलियन हो गई। PNG अपनाने वाले कस्टमर, LPG छोड़ने वाले 6.2 मिलियन कस्टमर का लगभग छठा हिस्सा हैं। दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा 26.3 लाख LPG ग्राहकों की संख्या घटी है। पश्चिमी भारत में 16.2 लाख और उत्तरी भारत में 15 लाख की कमी आई है।

कहां घटे सबसे ज्यादा ग्राहक?

पूर्वी भारत में 3.4 लाख कस्टमर कम हुए। सितंबर की शुरुआत में, उत्तरी भारत में सबसे बड़ा LPG कस्टमर बेस था। यहां एलपीजी ग्राहकों की संख्या 9.93 करोड़ थी। इसके बाद दक्षिण भारत में 7.98 करोड़, पश्चिमी भारत में 6.83 करोड़ और पूर्वी भारत में 6.75 करोड़ एलपीजी कस्टमर थे।

Related Articles

Back to top button