26/11 आतंकी हमले के गवाह ताज होटल के सुरक्षा प्रमुख से मिले मार्को रुबियो, अमेरिका के सामने पाक को किया बेनकाब

मुंबई: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल के सुरक्षा प्रमुख सुनील कुड्याडी से मुलाकात की। कुड्याडी 26/11 के आतंकी हमलों के दौरान होटल में मौजूद थे। उन्होंने रुबियो को हमले के बारे में अपनी आंखों देखी बातें बताईं, जिसमें यह भी शामिल था कि यह घेराबंदी कितने समय तक चली। यह मुलाकात तब हुई जब रुबियो ने होटल में बने 26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने होटल के सुरक्षा प्रमुख का परिचय अमेरिकी विदेश मंत्री से कराया। इसके बाद सुनील कड्याडी ने मार्को रुबियो को बताया कि आतंकियों ने कैसे हमला किया था और उस दिन क्या हुआ।
आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका और भारत की साझा प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, रुबियो ने मुंबई के ताज होटल में 26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने छह अमेरिकियों सहित 166 लोगों की जान ले ली थी।
अमेरिका के विदेश मंत्री ने की पोस्ट
अमेरिकी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ताज महल पैलेस होटल में, मैंने 26 नवंबर, 2008 के भयानक आतंकी हमलों के पीड़ितों – जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे – को श्रद्धांजलि देते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई, उन लोगों के साहस को नमन करते हैं जिन्होंने उस समय कार्रवाई की, और अमेरिका-भारत की मजबूत साझेदारी तथा आतंकवाद से लड़ने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराते हैं’
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, बाद में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान, रुबियो ने अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी तकनीकों व प्रणालियों की खरीद में वृद्धि करने पर जोर दिया।
फॉरेन डिपार्टमेंट का बयान
विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री (रुबियो) ने दोहराया कि अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने से भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) में विविधता लाने और साथ ही भारत की बड़ी उपभोक्ता मांग को पूरा करने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई जा सकती है। उन्होंने रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग के क्षेत्र में हाल ही में हुई प्रगति की सराहना की, और अमेरिकी तकनीकों व प्रणालियों की खरीद बढ़ाने की वकालत की, जिससे हमारे दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।
एस जयशंकर का बयान
बयान में आगे कहा गया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रम भी शामिल थे। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘X’ पर लिखा, ‘मुंबई में अमेरिकी नेता मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, अपने रिश्तों को और आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए। साथ ही, क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई।’
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस के स्टाफ सदस्यों से मुलाकात की और तकनीक तथा रक्षा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में जेसन स्मिथ, डेविड श्विकर्ट, एलिस स्टेफनिक, एंडी ओगल्स और लौरा फ्रीडमैन शामिल थे। बैठक के दौरान विदेश सचिव मिसरी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।




