‘दैवी शक्तियों’ के नाम पर शोषण! अशोक खरात केस में गरजे राज ठाकरे, सरकार पर उठे सवाल

महाराष्ट्र में कथित ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद मामला सियासी रंग ले चुका है और महिलाओं के शोषण के आरोपों पर विपक्ष हमलावर हो गया है. MNS प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दैवी शक्तियों और सत्ता के संरक्षण के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाला दुर्व्यवहार बेहद गंभीर मुद्दा है. बता दें कि यह मामला नासिक का है, जहां पिछले सप्ताह ही पुलिस ने अशोक खरात को गिरफ्तार किया था.
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए महाराष्ट्र की सामाजिक परंपरा का जिक्र किया और कहा कि राज्य ने हमेशा अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई है. उन्होंने 2013 में पारित अंधविश्वास विरोधी कानून का हवाला देते हुए कहा कि अगर सत्ता के संरक्षण में इस तरह का शोषण हो रहा है तो यह बेहद चिंताजनक है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है विपक्ष
इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. विपक्ष का आरोप है कि ऐसे ढोंगी बाबाओं को राजनीतिक संरक्षण मिलता है, जिससे उनका हौसला बढ़ता है और वे लोगों को ठगने के साथ-साथ महिलाओं का शोषण भी करते हैं. राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ रहा है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
क्या है मामला?
अशोक खरात का मामला सामने आने के बाद जब जांच हुई तो सामने आया है कि अशोक खरात लोगों को ठगने के लिए अजीबोगरीब तरीके अपनाता था और रिमोट से चलने वाले नकली सांपों को चमत्कार बताकर लोगों को डराता था. वह इमली के बीजों को पॉलिश कर मंत्रित बताकर महंगे दामों में बेचता था और लोगों की आर्थिक स्थिति के अनुसार कीमत तय करता था. खुद को दैवी शक्तियों वाला बताकर नकली पत्थर और रत्न बेचकर वह मोटी रकम वसूलता था, जिस पर अब कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.




