स्वास्थ्य

आंखों से खून बहने से 20 साल की लड़की की मौत,यह बीमारी और कितनी खतरनाक ?

Can Meningitis Cause Bleeding From Eyes: 20 साल की लड़की की अचानक मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, जब उसके परिवार ने बताया कि उसकी आंखों से खून बह रहा था, शुरुआत में इसे सामान्य फ्लू समझ लिया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टर भी उसे बचा नहीं सके,  बाद में सामने आया कि वह एक बेहद खतरनाक बीमारी मेनिन्जाइटिस बी का शिकार हो गई थी. 

क्या है मामला?

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन की रहने वाली सोफी वार्ड, जो एक आर्ट स्टूडेंट थी, को अचानक तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, रोशनी से परेशानी और बेहद थकान जैसे लक्षण दिखने लगे, परिवार ने तुरंत मेडिकल मदद ली, लेकिन अस्पताल में इसे वायरल इंफेक्शन समझकर घर भेज दिया गया, रातभर में उसकी हालत और बिगड़ गई और अगली सुबह जब उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 

क्या होता है मेनिन्जाइटिस बी?

 मेनिन्जाइटिस बी एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास की झिल्ली को प्रभावित करता है.  यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है और कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकती है. इसके शुरुआती लक्षण अक्सर फ्लू जैसे लगते हैं, इसलिए इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि कई बार सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता.

कैसे होते हैं इसके लक्षण?

इस बीमारी के लक्षणों में तेज सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी, तेज बुखार, रोशनी से परेशानी और शरीर पर रैश शामिल हो सकते हैं. गंभीर मामलों में आंखों या शरीर के अन्य हिस्सों से खून निकलना भी देखा गया है, जो स्थिति को और खतरनाक बना देता है. सोफी के मामले में सबसे बड़ी समस्या यह रही कि जरूरी जांच समय पर नहीं हो सकी, खासतौर पर लंबर पंक्चर टेस्ट, जो मेनिन्जाइटिस की पुष्टि के लिए जरूरी होता है, नहीं किया गया.  एक्सपर्ट का मानना है कि अगर समय रहते सही टेस्ट और इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. इस घटना के बाद परिवार ने सरकार से मांग की है कि मेनिन्जाइटिस बी का टीका सभी युवाओं के लिए अनिवार्य किया जाए. फिलहाल यह वैक्सीन सिर्फ छोटे बच्चों को दी जाती है, जिससे कई युवा इससे असुरक्षित रह जाते हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि मेनिन्जाइटिस भले ही कम मामलों में होता है, लेकिन जब होता है तो बेहद घातक साबित हो सकता है. इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉ. के अनुसार, अगर शरीर में कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो उसे हल्के में न लें. समय पर सही जांच और इलाज ही ऐसी जानलेवा बीमारियों से बचा सकता है.

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