शीतल म्हात्रे की लगेगी लॉटरी या फिर नीलम गोन्हे का नॉमिनेशन, किसे विधान परिषद भेजेंगे एकनाथ शिंदे?

मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद से उद्धव ठाकरे समेत नौ सदस्यों का विदाई होने और उनके कार्यकाल मई में खत्म होने के साथ ही नए सदस्यों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विदाई लेने वाले सदस्यों में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ नीलम गोह्रे, शशिकांत शिंदे, अमोल मिटकरी, गोपीचंद पडलकर, रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल, राजेश राठौड़, प्रवीण दतके और रमेश कराड का नाम शामिल है, लेकिन महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना से अब किस महिला नेता को विधान परिषद में एंट्री मिलेगी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर मामला गरमाया हुआ है। शिवसेना से दो महिलाओं नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें नीलम नीलम गोह्रे और नीलम गोह्रे का नाम शामिल है।
शिवसेना से कौन बनेगा MLC
नीलम गोरहे अविभाजित शिवसेना से विधान परिषद गई थीं। वह पूर्व में कई बार और इस सदन की सदस्य रह चुकी है। वर्तमान में वह विधान परिषद की उप सभापति भी थीं। चर्चा है कि क्या एकनाथ शिंदे के खेमे से इस बार शीतल म्हात्रे को मौका मिल सकता है। राज्यसभा चुनावों में एकनाथ शिंदे ने सभी को चौंकाते हुए ज्याेति वाघमारे को भेजा था, जबकि रेस में राहुल शेवाले और संजय निरुपम जैसे दिग्गजों के साथ बीजेपी से आईं शाइना एन सी का नाम भी शामिल था। शिवसेना नेता नीलम गोरहे 2002 से लगातार विधानपरिषद की सदस्य हैं। उन्हें 24 जून 2019 को पहली बार निर्विरोध महाराष्ट्र विधान परिषद का उपसभापति चुना गया था। वह इस पद पर बैठने वाली राज्य की पहली महिला बनीं।
कौन हैं नीलम गोन्हे?
- जुलाई, 2023 में उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के साथ गईं।
- 2002 से वह महाराष्ट्र विधान परिषद की सदस्य है, पहले उद्धव के निकट थीं।
- 8 सितंबर, 2020 को उन्हें दोबारा सर्वसम्मति से उपसभापति चुना गया था।
- उद्धव ठाकरे पर मर्सिडीज लेने के आरोप लगाकर पिछले साल बम फोड़ा था।
क्यों छिड़ी है यह चर्चा?
महाराष्ट्र विधान परिषद में कार्यकाल पूरा होने पर जब बजट सत्र में 9 सदस्यों को विदाई दी गई तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सदस्य अमोल मिटकरी ने दिवंगत अजित पवार की तस्वीर के साथ उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की लेकिन नीलम गोन्हे ने उद्धव ठाकरे का उल्लेख नहीं किया जबकि उन्हें उद्धव ठाकरे ने एमएलसी बनाया था। ऐसे में चर्चा छिड़ी है कि किया नीलम गोन्हे ने एक और कार्यकाल पाने के लिए ऐसा किया। अगर वह सदन में कुछ कहती थीं जो जाहिर था कि शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की नाराजगी बढ़ सकती है। उद्धव का आभार भी व्यक्त नहीं करने के लिए कई सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी खिंचाई की गई है। इसी के चर्चा छिड़ी है कि एकनाथ शिंदे किसे मौका देंगे। पार्टी के तेजर्रार प्रवक्ता शीतल म्हात्रे को या फिर किसी और भेजेंगे। म्हात्रे पूर्व में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में पार्षद (कॉर्पोरेटर) के रूप में कार्य कर चुकी हैं।




