महाराष्ट्र

बंगाल की जीत पर पीएम मोदी को दी बधाई तो तिलमिलाए संजय राउत

मुंबई : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई है। ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार किया तो राज्यपाल ने अपने अधिकरों को प्रयोग करते हुए टीएमसी की सरकार को भंग कर दिया। अब बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बंगाल की जीत पर बधाई दी है। ड्रोनाल्ड ट्रंप के पीएम को बधाई देने से संजय राउत तिलमिला गए। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जमकर सुनाई।

शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता संजय राउत ने एक्स पर डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर एक लंबा पत्र लिखा और उन्हें टैग किया। संजय राउत ने लिखा प्रिय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, नमस्ते। भारत से संसद सदस्य के तौर पर, मैं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपकी बधाई की खबरों के जवाब में यह पत्र लिख रहा हूं।

‘चिंताएं व्यापक बेचैनी को दर्शाती हैं’

संजय राउत ने कहा कि उतनी ही परेशान करने वाली बात केंद्रीय बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती को लेकर लगाए गए आरोप हैं, जिनके बारे में कई लोगों का मानना है कि इससे विश्वास पैदा होने के बजाय जबरदस्ती का माहौल बना। ममता बनर्जी सहित वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंताएं जताई हैं। ये चिंताएं एक व्यापक बेचैनी को दर्शाती हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

‘चुनाव आयोग ने निष्पक्ष काम नहीं किया’

ये राज्य स्तरीय चुनाव हैं- जो भारत के संघीय लोकतंत्र का एक आंतरिक मामला है। इस पर किसी भी बाहरी समर्थन की बात करना जल्दबाजी और अनुचित लगता है। इससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। कई शिकायतों में डर, धमकाने और व्यवस्थागत दबाव के माहौल का आरोप लगाया गया है। आम धारणा यह है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष होकर काम नहीं किया और उसका कामकाज BJP के पक्ष में झुका हुआ लगा, जिससे संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

‘चिंताएं व्यापक बेचैनी को दर्शाती हैं’

संजय राउत ने कहा कि उतनी ही परेशान करने वाली बात केंद्रीय बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती को लेकर लगाए गए आरोप हैं, जिनके बारे में कई लोगों का मानना है कि इससे विश्वास पैदा होने के बजाय जबरदस्ती का माहौल बना। ममता बनर्जी सहित वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंताएं जताई हैं। ये चिंताएं एक व्यापक बेचैनी को दर्शाती हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

‘संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं’

लोकतंत्र का मतलब सिर्फ चुनाव करवाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय हों। जब गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो उनकी गहन जांच होनी चाहिए, न कि उनका जश्न मनाया जाना चाहिए। क्या आपके बयान से पहले इन चिंताओं पर विचार किया गया था? उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर आपके जोर को देखते हुए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस मामले पर अधिक जानकारीपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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