राष्ट्रीय

‘मल्टीपल वॉरहेड तकनीक वाली एडवांस अग्नि मिसाइल का परीक्षण सफल’ : रक्षा मंत्रालय

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, अग्नि मिसाइल का परीक्षण कई पेलोड के साथ किया गया, जिनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैले अलग-अलग लक्ष्यों पर सटीक वार करना था।

यह उन्नत अग्नि-5 मिसाइल का दूसरा ज्ञात परीक्षण था, जिसे मिशन दिव्यास्त्र के रूप में भी जाना जाता है। इस MIRV-सक्षम संस्करण का पहला परीक्षण मार्च 2024 में किया गया था।

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 की आधिकारिक मारक सीमा 5,000 किलोमीटर से अधिक है। इसकी जद में चीन सहित लगभग पूरा एशिया, यूरोप के कुछ हिस्से और अफ्रीका के क्षेत्र आते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

इस सफल उड़ान परीक्षण पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय सेना और उद्योग जगत को बधाई देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परीक्षण बढ़ते खतरों के बीच देश की रक्षा तैयारियों में एक अविश्वसनीय क्षमता जोड़ देगा।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, अग्नि मिसाइल का परीक्षण कई पेलोड के साथ किया गया, जिनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फैले अलग-अलग लक्ष्यों पर सटीक वार करना था।

यह उन्नत अग्नि-5 मिसाइल का दूसरा ज्ञात परीक्षण था, जिसे मिशन दिव्यास्त्र के रूप में भी जाना जाता है। इस MIRV-सक्षम संस्करण का पहला परीक्षण मार्च 2024 में किया गया था।

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 की आधिकारिक मारक सीमा 5,000 किलोमीटर से अधिक है। इसकी जद में चीन सहित लगभग पूरा एशिया, यूरोप के कुछ हिस्से और अफ्रीका के क्षेत्र आते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

इस सफल उड़ान परीक्षण पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय सेना और उद्योग जगत को बधाई देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परीक्षण बढ़ते खतरों के बीच देश की रक्षा तैयारियों में एक अविश्वसनीय क्षमता जोड़ देगा।

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