जी किशन रेड्डी पर भड़के तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी

हैदराबाद : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि किशन रेड्डी हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिलने में बाधा पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा में रहते हुए भी जी. किशन रेड्डी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के हितों के लिए काम कर रहे हैं। वह हैदराबाद के उप्पल में 1,511 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना को मंजूरी देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने किसानों से बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की भी अपील की।
बीआरएस के लिए काम करने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जी. किशन रेड्डी दिन में भाजपा के नेता के रूप में काम करते हैं, लेकिन रात में बीआरएस नेता केटी रामाराव (केटीआर) और उनकी पार्टी के हितों को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात न होने के पीछे भी जी. किशन रेड्डी की भूमिका थी।
अगर किशन रेड्डी तेलंगाना के लिए प्रोजेक्ट की मंज़ूरी और केंद्रीय फ़ंडिंग दिलाने में सहयोग करते हैं, तो हम LB स्टेडियम में एक बड़ी जनसभा में उनका सम्मान करेंगे। अगर नहीं, तो हम उन्हें सबक सिखाएंगे।
रेवंत रेड्डी
देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात न होने का लगाया जी किशन रेड्डी पर आरोप
रेवंत रेड्डी ने कहा कि वे महाराष्ट्र सरकार के साथ प्रस्तावित तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन जी. किशन रेड्डी ने सीएम फडणवीस को उनसे मुलाकात न करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल रिंग रोड तेलंगाना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखती है।
रेवंत रेड्डी बोले- परियोजना के लिए 50 बार गए दिल्ली
रेवंत रेड्डी ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में वे इस परियोजना को लेकर करीब 50 बार दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हैदराबाद के लोगों ने जी. किशन रेड्डी को वोट नहीं दिया और क्या मेट्रो विस्तार तथा मूसी परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी और फंड दिलाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है?
रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या किसानों के हितों की रक्षा करना केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?




