शुभेंदु अधिकारी के एक्शन से बौखलाया बांग्लादेश, 30 दिन में बंगाल से 4800 बांग्लादेशी डिपोर्ट, BSF के हौसले बुलंद

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को शपथ ली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जोर-शोर से अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करके उन्हें डिपोर्ट करने का आदेश दिया था। एक महीने में ही बंगाल सरकार ने 4800 से अवैध बांग्लादेशियों को बीएसएफ की मदद से डिपोर्ट कर दिया है। बंगाल सरकार के तगड़े एक्शन से बांग्लादेश बौखला गया है। इस बीच भारत-बांग्लादेश सीएम पर बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच तनाव की स्थिति भी बनी लेकिन अवैध घुसपैठियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया नहीं रुकी। नई दिल्ली में बीएसएफ और बीजीबी के शीर्ष अधिकारियों की मीटिंग के बाद अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने की प्रक्रिया में और तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
अधिकारी की 3D पॉलिसी हुई हिट
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के बाद अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को डिपोर्ट करने के लिए डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति के तहत कड़े कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में 836 और बांग्लादेशी होल्डिंग सेंटरों में मौजूद हैं और उनके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया कतार में है। यह डाटा खुद राज्य सरकार ने साझा किया है। गौरतलब हो कि चुनावों में बीजेपी ने खुद बंगाल से अवैध बांग्लादेशियों को बाहर करने का वादा किया था।
शुभेंदु अधिकारी ने कब क्या किया?
- 19 मई 2026: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति की घोषणा की। इसके तहत राज्य के सीमावर्ती जिलों में अवैध प्रवासियों की पहचान और धरपकड़ का अभियान तेज हुआ।
- 25 मई 2026: मुख्यमंत्री ने अवैध प्रवासियों को सख्त चेतावनी दी कि वे जल्द से जल्द राज्य छोड़ दें। इस कड़े रुख के बाद उत्तर 24 परगना के हकीमपुर चेक पॉइंट सहित विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशियों की वापसी के लिए भारी भीड़ देखी गई। इसी दौरान घुसपैठियों को रखने के लिए बॉर्डर जिलों में विशेष होल्डिंग सेंटर एक्टिव किए गए।
- 27 मई 2026: राज्य सरकार ने स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया कि पकड़े गए अवैध प्रवासियों को जेलों में रखने के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा जाए, ताकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार उन्हें जल्द डिपोर्ट किया जा सके।
- 30 मई 2026: सरकार की मुस्तैदी के बीच 2,680 से अधिक संदिग्ध घुसपैठियों की एक सूची सत्यापन के लिए बांग्लादेश सरकार को सौंपी गई।
- 7 जून 2026: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के एक प्रशिक्षण शिविर में कार्रवाई के आधिकारिक आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में होल्डिंग सेंटरों के माध्यम से 4,800 अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा चुका है, जो नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे में नहीं आते थे।
- 8 जून 2026: भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने BSF को लगभग 100 किलोमीटर लंबी फेंसिंग (बाड़ लगाने) के लिए जमीन सौंप दी है, जिसमें रणनीतिक रूप से संवेदनशील ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है।
- 10 जून 2026: बंगाल सरकार के सचिवालय नबान्ना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य प्रशासन और बीएसएफ सीधे समन्वय कर रहे हैं, ताकि सीमा पार घुसपैठ को स्थायी रूप से रोका जा सके।
- 11 जून 2026: बीएसएफ अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की गई कि अकेले 19 मई से 10 जून के बीच कम से कम 1,930 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को सीधे बंगाल की सीमा चौकियों से वापस भेजा गया है।




