मुंबई में बारिश कब होगी? मचा हाहाकार, झीलों में 9% पानी बचा, हफ्ते में 2-3 दिन वॉटर कट, महाराष्ट्र मॉनसून कोंकण में अटका

मुंबई : मुंबईकरों को मॉनसून के लिए और इंतजार करना होगा। कोकण से मॉनसून के आगे न बढ़ने की वजह से 23 जून को मुंबई पहुंचने वाला मॉनसून अब दो से तीन दिन की देरी से पहुंचने का अनुमान है। स्काई मेट के प्रमुख महेश पालावत के अनुसार, मॉनसून को रफ्तार देने वाला माहौल तैयार नहीं होने की वजह से यह कोंकण में ही रुका है। बंगाल की खाड़ी में कुछ हलचल हो रही है, इस वजह से आगामी दो से तीन दिन में मौसम में बदलाव होने की उम्मीद है। 25 से 26 जून तक मॉनसून मुंबई पहुंच सकता है।
मॉनसून के आने में देरी की वजह से मुंबईकरों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप की वजह से दिन और रात के तापमान का अंतर घटकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी
रिश के दस्तक देने मे भले ही देरी हो रही है, लेकिन मुंबई समेत एमएमआर के कई इलाको में शनिवार को बूंदाबांदी हुई। कोलाबा में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। साथ ही वसई विरार परिसर में ही शनिवार सुबह बारिश दर्ज की गई।
बारिश को लेकर बढ़ी चिंता
अल नीनो के असर को लेकर चिंताओं के बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही हैं। उन्होंने कहा कि पानी से जुड़ी चुनौतियों समेत किसी भी नई चुनौती से निपटने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। पानी के इंतजामों पर गोयल ने कहा कि सरकार तैयार है और किसानों के हितों की रक्षा पर ध्यान दें रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर पानी का संकट पैदा होता है, तो उससे निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल नीनो एक वैश्विक संकट है और हम स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। केंद्र और महाराष्ट्र सरकारें सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। किसान हमारी प्राथमिकता हैं और हमारी सरकार उनके कल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
पीयूष गोयल
मुंबई में मॉनसून कब आएगा?
IMD ने मौसम का नया अपडेट जारी किया है। हालांकि मुंबई में मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 11 जून है, लेकिन बारिश लाने वाला सिस्टम रुका हुआ है और इस इलाके में उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया है। देरी से आने के कारण जून का महीना असामान्य रूप से सूखा रहा है और लोगों को लंबे समय तक गर्मी और परेशानी का सामना करना पड़ा है। अब अगले हफ्ते मॉनसून आ सकता है।
मुंबई की झीलों में 9 फीसदी पानी ही बचा
मुंबई की झीलों में पानी का स्टॉक गिरकर सिर्फ़ 9% रह गया है, जिससे दबाव बढ़ गया है। हालांकि उम्मीद के मुताबिक बारिश से राहत मिल सकती है, लेकिन मॉनसून में देरी ने मुंबई की पानी की सुरक्षा पर पहले ही दबाव डाल दिया है। शहर अपनी रोज़ाना की पीने के पानी की सप्लाई के लिए सात बड़ी झीलों पर निर्भर है, और इन सभी झीलों में कुल पानी का स्टॉक घटकर कुल क्षमता का सिर्फ़ 9 प्रतिशत रह गया है, जो लगभग 1.30 लाख मिलियन लीटर के बराबर है। यह स्थिति पिछले साल इसी समय की तुलना में काफी खराब है, जब झीलों में पानी का स्तर उनकी क्षमता का लगभग 25 प्रतिशत था। इससे अब तक देरी से आए और कमजोर मॉनसून के असर का पता चलता है।
हफ्ते में दो दिन वॉटर कट
मुंबई में अगले कुछ हफ़्तों तक पानी की कटौती जारी रहेगी। झीलों में पानी का स्तर घटने के कारण शहर में पानी बचाने के उपाय शुरू कर दिए गए हैं। हालांकि, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि झीलों में मौजूद पानी, राज्य सरकार से मिलने वाले रिज़र्व पानी और मांग को नियंत्रित करने वाले उपायों से अगस्त के मध्य तक मुंबई की ज़रूरतें पूरी हो जानी चाहिए। इससे पानी के तत्काल संकट से कुछ समय के लिए राहत तो मिलती है, लेकिन आने वाले हफ़्ते बहुत अहम हैं। जलाशयों को फिर से भरने और शहर में पानी की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मुंबई के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में लगातार मॉनसून की बारिश होना ज़रूरी है। किसी इलाके में हफ्ते में दो दिन तो कहीं हफ्ते में तीन दिन की पानी कटौती की जा रही है।




