FIFA World Cup: तय हुआ ब्लॉकबस्टर सेमीफाइनल का लाइनअप… कब और किस टीम की किससे होगी टक्कर

नई दिल्ली. फीफा विश्व कप सेमीफाइनल की चार टीमें तय हो गई हैं. इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने-अपने कड़े इम्तिहानों को पार करते हुए अंतिम चार में जगह बना ली है, जहां उनका सामना पहले से ही अपनी जगह पक्की कर चुके फ्रांस और स्पेन से होगा. फुटबॉल की दुनिया के ये चार दिग्गज अब चमचमाती ट्रॉफी से महज दो कदम दूर हैं और इस बार के सेमीफाइनल मुकाबले बेहद ब्लॉकबस्टर होने वाले हैं. फ्रांस और स्पेन के बीच सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को देर रात साढ़े 12 बजे से डलास स्टेडियम में होगा. अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार 16 जुलाई की देर रात अटलांटा स्टेडियम में खेला जाएगा.
इंग्लैंड की सेमीफाइनल तक की राह किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी रही है. ग्रुप एल में शीर्ष पर रहने के बाद इंग्लिश टीम ने हर नॉकआउट मुकाबले में फैंस की सांसें थामे रखीं. उन्होंने राउंड ऑफ 32 में डीआर कांगो को बेहद करीबी मुकाबले में 2-1 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ पांच गोल के रोमांचक मैच में इंग्लैंड ने 3-2 से बाजी मारी. क्वार्टर फाइनल में उनके सामने नॉर्वे की कड़ी चुनौती थी, जहां इंग्लैंड की टीम शुरुआत में ही पिछड़ गई. पूरे मैच में कई मौके गंवाने के बाद मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में खिंचा. लेकिन जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उनके स्टार खिलाड़ी जूड बेलिंगहैम मसीहा बनकर उभरे.
बेलिंगहैम के शानदार दो गोलों की बदौलत इंग्लैंड ने यह मैच 2-1 से अपने नाम कियाय. एक्स्ट्रा टाइम के तीसरे मिनट में दागा गया उनका निर्णायक गोल देश के इतिहास में सिर्फ चौथी बार इंग्लैंड को विश्व कप सेमीफाइनल में ले गया. इंग्लैंड ने अपने तीनों नॉकआउट मैच केवल एक गोल के अंतर से जीते हैं, जो उनके लचीलेपन और दबाव में बिखरने के बजाय निखरने की कहानी बयां करता है. उन्होंने नॉकआउट में कुल 7 गोल दागे हैं, लेकिन हर मैच में गोल खाया भी है.
लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट कटाने उतरेगी अर्जेंटीना
दूसरी ओर, गत चैंपियन अर्जेंटीना ने भी देर रात खेले गए मुकाबले में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। यह मैच भी तय समय में खत्म नहीं हुआ और एक्स्ट्रा टाइम तक गया, लेकिन अर्जेंटीना के चैंपियंस वाले मिजाज ने उन्हें पार लगा दिया. ग्रुप जे के अपने सभी तीन मैच जीतकर नॉकआउट में पहुंची अर्जेंटीना की ताकत उनका आक्रामक खेल रहा है. उन्होंने राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे को 3-2 से मात दी और फिर राउंड ऑफ 16 में मिस्र को भी इसी 3-2 के स्कोरलाइन से हराया. क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन अर्जेंटीना ने एक्स्ट्रा टाइम में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए 3-1 से जीत दर्ज क. अर्जेंटीना की सबसे खास बात यह रही है कि उन्होंने अपने तीनों नॉकआउट मैचों में ठीक तीन-तीन गोल किए हैं, जिससे उनके नाम नॉकआउट चरणों में सबसे ज्यादा 9 गोल दर्ज हो चुके हैं.
फ्रांस ने नॉकआउट में विरोधी टीमों को सिर उठाने का मौका नहीं दिया
यदि सबसे नियंत्रित और दबदबे वाले सफर की बात करें, तो वह फ्रांस का रहा है. ग्रुप आई की टॉपर फ्रांस ने नॉकआउट स्टेज में विपक्षी टीमों को सिर उठाने का मौका ही नहीं दिया है. उन्होंने अपने सफर की शुरुआत स्वीडन पर 3-0 की एकतरफा जीत के साथ की थी. राउंड ऑफ 16 में उन्होंने पराग्वे को एक बेहद कड़े मैच में 1-0 से मात दी और क्वार्टर फाइनल में मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति को 2-0 से भेदकर अंतिम चार में कदम रखा. फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत उनका डिफेंस रहा है. उन्होंने नॉकआउट स्टेज में कुल 6 गोल किए हैं और उनके खिलाफ अब तक एक भी गोल नहीं हो सका है. कप्तान किलियन एम्बापे की अगुवाई में टीम का आक्रमण जितना धारदार है, उनका डिफेंस उतना ही अभेद्य नजर आ रहा है.
स्पेन ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया है
स्पेन ने भी इस टूर्नामेंट में अपनी पारंपरिक और मजबूत शैली का प्रदर्शन किया है. ग्रुप एच में शीर्ष पर रहने के बाद स्पेन ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी.हालांकि, इसके बाद उनकी राह कठिन होती चली गई. राउंड ऑफ 16 में उन्होंने अपने पड़ोसी प्रतिद्वंद्वी पुर्तगाल को 1-0 से हराया, जहां पूरे मैच में स्पेन का नियंत्रण देखने को मिला. इसके बाद क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ उन्होंने 2-1 से रोमांचक जीत दर्ज कर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया. स्पेन ने नॉकआउट मैचों में कुल 6 गोल दागे हैं और इस दौरान उन्होंने सिर्फ एक गोल खाया है, जो उनकी निरंतरता और मजबूत संतुलन को दर्शाता है.
20 जुलाई को खेला जाएगा फीफा वर्ल्ड कप फाइनल
इन शानदार नतीजों ने अब दो महामुकाबलों की नींव रख दी है. पहले सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन से होगा, जिसे डिफेंस बनाम कंट्रोल की जंग कहा जा सकता है. वहीं दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड की भिड़ंत डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगी, जहां इंग्लैंड के जुझारूपन का सामना अर्जेंटीना की मारक गोलाबारी से होगा. व्यक्तिगत स्तर पर भी गोल्डन बूट की रेस बेहद रोमांचक हो चुकी है. फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बापे 8 गोल और 3 असिस्ट के साथ इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी ने भी टूर्नामेंट में 8 गोल दागे हैं, लेकिन कम असिस्ट होने के कारण एम्बापे इस टाईब्रेकर में आगे बने हुए हैं. सेमीफाइनल के इन दो नॉकआउट महासंग्रामों में जो भी टीमें जीतेंगी, वे फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात साढ़े 12 बजे से न्यू जर्सी स्टेडियम में आमने सामने होंगी. जबकि हारने वाली टीमों के बीच तीसरे स्थान के लिए मुकाबला खेला जाएगा.




