चीन-ताइवान में जंग की आहट तेज, ड्रैगन ने यांग्त्जी नदी के मुहाने पर तैनात किए दर्जनों युद्धपोत

एजेंसियां — यरुशलम
एक तरफ दो साल से तबाही झेल रहे गाजा में शांति की उम्मीद जगी है, तो वहीं दूसरी ओर दुनिया में तीसरे मोर्चे पर एक नई जंग की आहट तेज हो गई है। दरअसल, सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि भारत के पड़ोसी देश चीन ने ताइवान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यांग्त्जी नदी के मुहाने पर बड़ी संख्या में युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वहां चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती की यह एक दुर्लभ घटना है। इससे चीन और ताइवान के बीच जंग की आहट तेज हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह दोनों सेनाओं के बीच तनाव का उच्चतम स्तर है।
रिपोर्ट के मुताबिक इतनी बड़ी संख्या में चीनी युद्धपोतों की तैनाती ताइवान पर हमले का संकेत हो सकता है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) ने अपनी सैन्य शक्ति का लगातार इजाफा किया है। युद्धपोतों और पनडुब्बियों की संख्या के हिसाब से चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है, जिसके पास 370 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं। इनमें लैंडिंग डॉक जहाज, हेलिकॉप्टर वाहक और विशेष लैंडिंग बार्ज शामिल हैं। बार्ज के बारे में विश्लेषकों का कहना है कि ये ताइवान जलडमरूमध्य और समंदर पार कर ताइवान पर हमले कर सकते हैं।
25,000 टन का ट्रांसपोर्टेशन शिप तैनात
सेटेलाइट तस्वीरों में शंघाई के यांग्त्जी नदी मुहाने में कई उभयचर जहाज खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह मुहाना प्रमुख समुद्री रसद केंद्र है। ओपन-सोर्स रक्षा विश्लेषक एमटी एंडरसन ने सेटेलाइट इमेजरी में टाइप 071 युझाओ-क्लास लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक की पहचान की है। यह 25,000 टन का एक ट्रांसपोर्टेशन शिप है, जो किसी उभयचर हमले के दौरान लैंडिंग क्राफ्ट, बख्तरबंद वाहनों और सैकड़ों सैनिकों को विवादित तट तक ले जाने में सक्षम है।




