दिल्ली में कहर बरपा रहा डेंगू-मलेरिया, अब तक इतने लोग बने शिकार

दिल्ली में मानसून का दौर कमजोर पड़ने के बाद भी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा कम होता नजर नहीं आ रहा. दिल्ली नगर निगम (MCD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही डेंगू के 98 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही 2026 में अब तक डेंगू के कुल मामलों की संख्या 695 पहुंच गई है. वहीं मलेरिया के भी 23 नए मामले मिले हैं जिससे इसकी संख्या भी बढ़कर 266 हो गई है.
डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों के काटने से फैलने वाली आम लेकिन गंभीर बीमारियाँ हैं, जो तेज बुखार का कारण बनती हैं. हालांकि समय पर इलाज करने से यह ठीक हो सकता है. इनके शुरुआती लक्षण भी लगभग एक जैसे ही होते हैं. दोनों में अचानक तेज बुखार, शरीर और जोड़ो में दर्द और प्लेटलेट्स गिरने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
सितंबर में सबसे ज्यादा बढ़े मामले
इस साल डेंगू और मलेरिया दोनों के लिए सितंबर का महीना हैरान कर देने वाला रहा. सितंबर में दिल्ली में डेंगू के 286 मामले दर्ज हुए, जो इस साल किसी एक महीने में सबसे ज्यादा हैं. इसी महीने मलेरिया के 124 मरीज मिले. इससे पहले अगस्त में डेंगू के 90 और मलेरिया के 53 मामले सामने आए थे. इसका मतलब यह है कि सितंबर से संक्रमण की रफ्तार अचानक तेज हुई. अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही डेंगू के 98 मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि अभी भी सावधानी रखने की जरूरत है.
बारिश के बाद बढ़ता है मच्छरों का खतरा
आमतौर पर माना जाता है कि बारिश खत्म होने के साथ मच्छरों से होने वाली बीमारियों का असर कम होने लगता है. लेकिन असल में बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पैदा होने लगते हैं. खासकर डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है. यह आमतौर पर कूलर, टंकी, गमले और जलभराव स्थान पर पैदा होते हैं. ऐसे में आसपास पानी भरने वाली चीजों की नियमित रूप से सफाई करना बेहज जरूरी है.
मलेरिया भी बना चिंता
दिल्ली में इस समय चिंता केवल डेंगू तक सीमित नहीं है. मलेरिया के मामलों में भी सितंबर के दौरान तेज उछाल आया. जनवरी से अगस्त तक दिल्ली में मलेरिया के 142 मामले थे, लेकिन सितंबर में ही 124 नए मामले जुड़ गए. अक्टूबर के पहले हफ्ते में 23 और मरीज सामने आए. ऐसे में बुखार आने पर इसे सामान्य वायरल मानकर लंबे समय तक घर पर इलाज करना सही नहीं है.
अभी मौतों का आंकड़ा नहीं
बढ़ते मामलों के बीच राहत की बात यह है कि 2026 में अब तक दिल्ली में डेंगू या मलेरिया से किसी मौत की रिपोर्ट नहीं हुई है. इसके बावजूद बढ़ती संख्या स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के लिए चुनौती जरूर है. MCD की ओर से मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, लार्वा की जांच और घर-घर निरीक्षण जैसी गतिविधियां की जा रही हैं. दिल्ली नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार इस साल घरेलू ब्रीडिंग चेकर्स ने 3.18 करोड़ से ज्यादा घरों का दौरा किया और 1.89 लाख से अधिक घरों में मच्छरों का प्रजनन पाया.




