अंतर्राष्ट्रीय

‘आतंकवाद की नई लहर आने वाली है’, इजरायल के राजदूत ने भारत को किया आगाह; फ्लाईदुबई की घटना बड़ा संकेत

नई दिल्लीः भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भारत और इजरायल को कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों की एक नई लहर की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश के बीच अजार ने बताया कि कैसे हमास भारत के पड़ोस में मौजूद आतंकवादी संगठनों को प्रेरित कर रहा है।

इंडिया टुडे से बातचीत में अजार ने कहा, ‘आतंकवादी हमसे ज्यादा तेज हैं और हमें उनसे भी ज़्यादा तेज़ होना होगा। हमें सतर्क रहना होगा। अगर हम अगली इस्लामी आतंकी हमले की लहर से आगे रहना चाहते हैं, तो हमें तेजी दिखानी होगी और अगली लहर जरूर आएगी।’ इजरायल के राजदूत की ये अहम टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब तेल अवीव 7 अक्टूबर, 2023 के हमले की तीसरी बरसी मना रहा है, जिसके कारण गाज़ा में विनाशकारी युद्ध शुरू हुआ था।

आतंकी गुट आपस में ज्यादा सहयोग कर रहे

  • जब अजार से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि आतंकवादी समूह आपस में ज्यादा सहयोग कर रहे हैं, तो उन्होंने मध्य पूर्व के बाहर हमास की हालिया गतिविधियों की ओर इशारा किया।
  • पिछले एक साल में, हमास के कई बड़े कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं।
  • नाजी जहीर और खालिद अल-कदुमी जैसे हमास नेताओं को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते हुए भी देखा गया है।
  • हालिया खुफिया जानकारी से पता चला है कि लश्कर-ए-तैयबा के कैडरों को हमास के ऑपरेशन के तरीकों की ट्रेनिंग दी जा रही थी।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

अजार ने उदाहरण के तौर पर 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया और इसे उस प्रभाव का नतीजा बताया। पहलगाम नरसंहार, जिसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू हुआ था, में 25 पर्यटकों की मौत हो गई थी।

अजार ने कहा, ‘हमास ने इस क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों को प्रेरित किया है और पहलगाम हमला उसी का नतीजा था। हमने हमास के प्रतिनिधियों को आते और बैठकें करते देखा है, और हमें नहीं पता कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है।’

कट्टरपंथ पर काबू पाने तरीका निकालना होगा

इसे हकीकत का हिस्सा बताते हुए इजरायल के राजदूत ने लोकतांत्रिक देशों से इस खतरे का सामना करने और उस पर काबू पाने की क्षमता विकसित करने का आग्रह किया। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब जांचकर्ता फ्लाईदुबई की उस भयावह घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें ओमान के एक को-पायलट ने कैप्टन को मारने, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और उसे तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की थी।

हालांकि, भारतीय नागरिक और कैप्टन स्मित मच्छार ने बहादुरी से मुकाबला करते हुए और सही समय पर कॉकपिट का दरवाज़ा खोलकर इस कोशिश को नाकाम कर दिया। इससे यात्री कॉकपिट में घुस पाए और को-पायलट, जिसकी पहचान हमम अल-हम्ममी के तौर पर हुई है, को काबू में कर लिया।

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