मुरैना ‘नरसंहार’: गुरुग्राम के गोदाम में मजदूर बना था रामू सिंह, क्राइम ब्रांच ने तीन साल बाद किया गिरफ्तार

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पारिवारिक झगड़े में छह लोगों की हत्या हुई थी। घटना के तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार 37 साल का रामू सिंह तोमर गुजरात समेत कई राज्यों में घूमता रहा। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 30000 रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी।
2023 में लेपा गांव में हुई थी हत्या
ये हत्याएं मई 2023 में लेपा गांव में हुई थीं, जब गांव में एक शादी समारोह के दौरान एक गुट के लोगों ने कथित तौर पर दूसरे परिवार पर गोलीबारी की थी। सबके सामने बेरहमी से तीन पुरुषों और तीन महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
स्थानीय व्यक्ति ने शूट किया था वीडियो
वहीं, एक स्थानीय व्यक्ति ने मोबाइल फोन से पूरा वीडियो शूट किया था। सोशल मीडिया पर अपराध का पूरा वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। क्राइम ब्रांच के अनुसार, ये हत्याएं जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और बदले की भावना का नतीजा थीं।
रामू सिंह के रिश्तेदार की भी हुई थी हत्या
मुरैना जिले में 2013 में, रामू सिंह के रिश्तेदार बीरभान सिंह, मुंसीसिंह तोमर और सोबरन सिंह की कथित तौर पर इसी विवाद के चलते हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि बाद में रामू सिंह और उसके परिवार ने रंजीत सिंह मुन्ने सिंह तोमर और उनके परिवार को निशाना बनाकर इन मौतों का बदला लेने का मौका ढूंढा।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
वहीं, मुरैना के सिहोनिया पुलिस स्टेशन में हत्या, हत्या की कोशिश, दंगा, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में मुरैना के एसपी ने फरार चल रहे लोगों को पता लगाने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया।
गोदाम में कर रहा था काम
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रामू सिंह गुरुग्राम के गोपालपुर जीआईडीसी इलाके में एक गोदाम में काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच की एक टीम ने गढ़ी-हसरूर रोड पर नजर रखी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में रहा वह
पूछताछ के दौरान रामू सिंह ने पुलिस को बताया कि हत्याओं के बाद वह अपनी पहचान छिपाकर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और हरियाणा में रहा था। गोदाम में नौकरी करने से पहले उसने सिक्योरिटी गार्ड और कैजुअल लेबरर के तौर पर काम किया था। क्राइम ब्रांच ने कहा कि उसने उसकी पहचान और मुरैना मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि कर ली है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे सिहोनिया पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भिंड में भी दर्ज है मामला
रामू सिंह पर मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोरमी पुलिस स्टेशन में 2021 में दर्ज एक मामले का भी सामना करना पड़ा रहा है। इस मामले में हत्या की कोशिश और दंगा करने के आरोप शामिल हैं।




