राजनीति

बदतमीजी, तीसरी आंख खुली तो… दिल्ली प्रदर्शन की तुलना शिव बारात से की, राहुल गांधी पर भड़के एकनाथ शिंदे और राम कदम

मुंबई : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इंडिया ब्लॉक के आंदोलन की तुलना शिव तांडव और शिव बारात से करने पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब शिव का तीसरी आंख खुलेगी तो इंडिया ब्लॉक और सभी देशद्रोही भस्म हो जाएंगे। एकनाथ शिंदे ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन अब वे खुद को भगवान शिव के रूप में पेश करने और अपनी तुलना महादेव से करने लगे हैं। यह बच्चों जैसी जिद और बदतमीजी भरा व्यवहार है। यह कोई दिव्य तांडव नहीं, बल्कि सिर्फ बदतमीजी है। मेरा कहना है कि जो लोग खुद की तुलना भगवान शंकर से करते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि जब भगवान शिव अपनी तीसरी आंख खोलेंगे, तो इंडी गठबंधन और देश के खिलाफ काम करने वाले लोग डलकर राख हो जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के मार्च को लेकर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा कि सोमवार का दिन देश के इतिहास में एक काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा, क्योंकि लोकतंत्र और भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था का अपमान किया गया।

राम कदम ने भी साधा निशाना

भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार राजनीतिक दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। लगता है राहुल गांधी को उनके सलाहकारों ने नहीं बताया कि यह न्यायपालिका है, कार्यपालिका नहीं। विपक्ष और राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट और संविधान की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए था। कांग्रेस के शासन में एसआईआर हुई थी, तब कोई आवाज नहीं उठी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बन रहा है, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। विपक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाने वाला मार्च इतिहास में ‘काला दिन’ के रूप में लिखा जाएगा।

भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान से करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है। एक ओर संविधान का अपमान कर रहे हैं और दूसरी तरफ राजनीतिक तमाशे को ‘शिव तांडव’ से जोड़ रहे हैं। राहुल गांधी को भगवान शिव के बारे में कुछ नहीं पता है। जब चुनाव नजदीक आते हैं तो जनेऊ धारण कर लेते हैं। राहुल गांधी यह भी नहीं पता कि जनेऊ क्यों धारण किया जाता है। ‘शिव तांडव’ संहार का चक्र भी माना जाता है। दुर्भाग्य से विपक्ष ने सोमवार को संविधान का अपमान किया है।

राम कदम, बीजेपी नेता

‘अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश’

एकनाथ शिंदे ने कहा कि भारत के इतिहास में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ कभी कोई विरोध मार्च नहीं निकाला गया। यह देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था पर हमला है। वे देश में अशांति और अराजकता फैलाना चाहते हैं। यह एक बड़ी और सुनियोजित साजिश है।

मैं कहूंगा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है। उनके साथ विरोध करना देशद्रोह है। विपक्ष के नेता कठपुतली की तरह काम करते हैं। यह शर्मनाक है कि वे देश की प्रगति में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

एकनाथ शिंदे

पीएम मोदी की तारीफ की

एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि देश 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। वह देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर ले जा रहे हैं। ऐसे समय में जब कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गई हैं, वह भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ से निकालकर शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर रहे हैं। 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर बार-बार चुनाव हारने के बावजूद सत्ता में लौटने के लिए बेताब होने का आरोप भी लगाया।

‘देश को बदनाम करने की साजिश’

एकनाथ शिंदे ने कहा कि पानी के बिन जैसे मछली तड़पती है, वैसे सत्ता के बिना इंडिया ब्लॉक तड़प रहा है। यह सिर्फ देश को बदनाम करके कैसे भी सत्ता हासिल करना चाहते हैं। जनता ने तीन बार नकार दिया, हार की हैट्रिक हो गई है। फिर भी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी बीच एकनाथ शिंदे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से जुड़ी कथित घटना को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना की।

एकनाथ शिंदे ने कहा- देश को एकजुट रहना होगा

एक महिला पत्रकार ने दावा किया था कि वह तीन महीने की गर्भवती है और आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान गांधी ने उसका हाथ पकड़ा और उसे आगे खींचा, जिसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उसे दूर धकेल दिया। राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का इस तरह का व्यवहार अनुचित है और उन पर पब्लिसिटी पाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से इस बात पर विचार करने का आग्रह किया कि क्या विपक्ष के नेता देश को एकजुट करने के लिए काम कर रहे हैं या बांटने के लिए। यह देश जोड़ने वाले नहीं, तोड़ने वाले हैं। जिस तरह इंडिया ब्लॉक देश की प्रगति को रोकने की कोशिश कर रहा है, हमें उन्हें विफल करना होगा।

देश के खिलाफ काम करने के आरोपी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपनी मांग को दोहराते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि सिर्फ एफआईआर ही नहीं, अगर वे देश के खिलाफ बोल रहे हैं या देशद्रोह जैसी गतिविधियों में शामिल हैं, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाना चाहिए। आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब लोग सुप्रीम कोर्ट जाने, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने और अपनी राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं, जबकि उस समय मीडिया पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

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