संपादकीय

‘नहीं थम रहा’ बमों से उड़ाने की धमकियां देने का सिलसिला!

पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य भागों में स्कूलों, न्यायालयों, रेलवे स्टेशनों आदि में बम रखे होने की धमकियां ई-मेल और फोन आदि माध्यमों से मिल रही हैं। इनके परिणामस्वरूप जहां सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है, वहीं लोगों में भी दहशत व्याप्त है। ऐसी ही इसी वर्ष सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 1 जनवरी को ‘अम्बाला छावनी’ रेलवे स्टेशन को देर रात एक अज्ञात फोन काल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद स्टेशन परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया परंतु कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बाद में इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
* 6 जनवरी को ‘मऊ’ (उत्तर प्रदेश) रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध बैग पड़ा मिला जिसके बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने रेलवे स्टेशन पर फोन करके कुछ ही देर में पहुंचने वाली ‘काशी एक्सप्रैस’ में बम रखा होने की सूचना दी जिससे प्लेटफार्म पर ट्रेन के पहुंचने पर उसकी हर बोगी की तलाशी ली गई परंतु कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

* 8 जनवरी को अज्ञात ई-मेलों के माध्यम से ‘हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट’ तथा पंजाब, बिहार, हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ की कई अदालतों को एक साथ बम द्वारा उड़ाने की धमकियां दी गईं।
* 28 फरवरी को एक एमरजैंसी काल द्वारा कानपुर सैंट्रल रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी का ई-मेल मिलने पर तुरंत हाई सिक्योरिटी कार्रवाई की गई परंतु कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। 
* 10 मार्च को ‘गुजरात’ हाईकोर्ट तथा ‘अहमदाबाद ग्रामीण अदालत परिसर’ को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वहां से 400 लोगों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाला गया।
* 6 अप्रैल को ‘पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट’ के साथ-साथ चंडीगढ़ तथा पंजाब के मोहाली और फिरोजपुर की जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकियों वाले ई-मेल मिले जो तलाशी के दौरान झूठे साबित हुए।
* 19 जुलाई को ‘दिल्ली’ के 45 से अधिक प्राइवेट स्कूलों तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध 3 कालेजों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए।

* 31 जुलाई को ई-मेल के माध्यम से बठिंडा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद स्टेशन परिसर के कोने-कोने की जांच की गई परंतु कोई संदिग्ध वस्तु न मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। 
* 14 अगस्त को ई-मेल द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट तथा बॉम्बे हाईकोर्टों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं जिन्हें जांच के बाद फर्जी पाया गया।
* 24 सितम्बर को बम की धमकियों के बाद ‘पंचकूला’ के अनेक स्कूलों तथा जिला अदालत परिसर को खाली करवा कर तलाशी ली गई
* 13 अक्तूबर को ‘नोएडा तथा दिल्ली’ एन.सी.आर. के लगभग एक दर्जन प्रसिद्ध स्कूलों को बम से उड़ा देने की धमकी भरे ई-मेल मिले।
* 15 अक्तूबर को ‘दिल्ली और नोएडा’ के अनेक प्रसिद्ध स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिले परंतु पुलिस एवं बम निरोधक दस्तों की छानबीन में कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

सुरक्षा एजैंसियों तथा साइबर क्राइम यूनिट की जांच के अनुसार इन धमकियों के लिए विदेशी सर्वरों पर आधारित गुप्त ई-मेल सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। धमकियां देने वालों तक पहुंच करना तकनीकी तौर पर कठिन है लेकिन हमें देश के इंटरनैट ढांचे में इस तरह की व्यवस्था करनी पड़ेगी जिससे ऐसा संदेश मिलने से पहले ही इसके फर्जी होने का भी पता चल सके ताकि ऐसी धमकियों के बाद खराब होने वाला सुरक्षा एजैंसियों और आम लोगों का समय बच सके और देश की तकनीकी सुरक्षा भी मजबूत बने। बेशक उक्त सभी धमकियां फर्जी साबित हुई हैं तथा इनसे प्रशासन में कुछ चुस्ती भी आई होगी परंतु सुरक्षा व्यवस्था को चौतरफा मजबूत करने की जरूरत है क्योंकि यदि ऐसी धमकियों को झूठी मान कर सुरक्षा में ढील दी गई तो कभी ऐसी किसी धमकी के सच निकलने पर भारी अनर्थ भी हो सकता है।

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