मोदी सरकार देगी पूरे 15000 रुपये! बस EPFO पोर्टल पर करना होगा ये काम

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में शामिल होने वाले नए पात्र कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाता है. यानी कि सरकार पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह रकम देती है. यह पैसा सीधे आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए ट्रांसफर किया जाता है. हालांकि, इसका पूरा लाभ पाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
कर्मचारियों के लिए क्या है शर्तें?
- जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि यह स्कीम फर्स्ट टाइम वर्कर्स के लिए है, जो पहली बार नौकरी से जुड़ रहे हैं. यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस स्कीम के पहले किसी पीएफ ट्रस्ट में उनका योगदान न गया हो और न ही EPFO के सदस्य रहे हो.
- कर्मचारी ने 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच EPFO कवर्ड किसी संस्थान में नौकरी ज्वाइन की हो.
- जॉइनिंग के वक्त उनकी मंथली सैलरी 10000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए.
- योजना का लाभ लेने के लिए किसी नौकरी में छह महीने तक टिके रहना जरूरी है. अगर कर्मचारी किसी मौसमी उद्योग से जुड़ा है, तो उसके लिए जरूरी है कि वह संस्थान के साथ पूरे 6 महीने तक जुड़ा रहे.
- कर्मचारी के लिए EPFO पोर्टल में डिजिटल वेरिफिकेशन पूरा करना जरूरी है.
- स्कीम का लाभ उठाने के लिए बैंक अकाउंट का आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है.
EPFO पोर्टल पर जाकर तुरंत करें ये काम
सबसे पहले कर्मचारी को UMANG App पर जाकर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट और वैलिडेट करना होगा. इसके बाद फाइनेंशियल लिटरेसी का एक कोर्स पूरा करना होगा. इसके लिए EPFO पोर्टल पर लॉग इन करना होगा. इस कोर्स को डिजाइन ही इस तरीके से किया गया है ताकि उनमें बचत, सोशल सिक्योरिटी और साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाई जा सके.
कैसे मिलेगा पैसा?
15,000 रुपये का इंसेन्टिव अमाउंट दो किश्तों में दिया जाएगा. 6 महीने की नौकरी पूरी करने के बाद पहली किश्त सीधे बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी. दूसरी किश्त लगातार 12 महीने की सेवा पूरी करने और सफलतापूर्वक फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स पूरा करने के बाद दी जाएगी. हालांकि, पैसा एक निश्चित अवधि की बचत योजना में जमा किया जाता है, जिसे मैच्योरिटी पर निकाला जा सकता है. भविष्य में बचत की आदत डालने के लिए ही यह तरीका अपनाया जाता है.




