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पटना में Mallikarjun Kharge के भाषण के दौरान हंगामा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर मचा बवाल

पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक व्यक्ति से तीखी बहस हो गई। खरगे ने बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को याद करते हुए आरएसएस और भाजपा पर कड़ा हमला बोला। साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण तुरंत लागू न करने पर केंद्र सरकार को घेरा।

बिहार के पटना में रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान हंगामा हो गया। वह डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ उनकी तीखी बहस होने की बात सामने आई।

कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने कथित तौर पर जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान को लेकर कार्यक्रम में माहौल गरमा गया।

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आरएसएस की विचारधारा पर भी खरगे का हमला

पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में खरगे ने आरएसएस की विचारधारा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर आज आरएसएस के बारे में बात की जाती है तो लोग इसे अलग-अलग तरह से समझ सकते हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि आरएसएस की स्थापना के समय से ही वह ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है, इसलिए उसकी आलोचना की जाती है।

खरगे ने कहा, “जब तक इस देश में आरएसएस की विचारधारा रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की सोच के मुताबिक देश में शांति और भाईचारा जरूरी है।

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को किया याद

खरगे ने कहा कि सभी लोग डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें याद करने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को आधुनिक बिहार में लोकतंत्र को मजबूत करने वाला नेता बताया। खरगे ने कहा कि उन्होंने कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने और जमींदारी व्यवस्था खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई।

खरगे ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने बिहार में कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई के विकास से जुड़े कई कामों को आगे बढ़ाया। उनके मुख्यमंत्री रहते जमींदारी व्यवस्था खत्म की गई, जमीन से जुड़े सुधारों पर काम शुरू हुआ और चकबंदी कानून लागू किया गया।

बरौनी रिफाइनरी से लेकर राजेंद्र पुल तक का किया जिक्र

खरगे ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के समय बरौनी तेल रिफाइनरी, खाद कारखाना और ताप बिजली संयंत्र स्थापित किए गए। इसी दौर में सिंदरी खाद कारखाना और राजेंद्र पुल का भी निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई विदेशी अर्थशास्त्रियों ने बिहार को देश के सबसे अच्छे प्रशासन वाले राज्यों में माना था।

आरएसएस पर लगाया दंगा भड़काने का आरोप

खरगे ने कहा कि आजादी के बाद देश को अनाज की कमी समेत कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, उस समय आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के 1950 के एक कथन का भी जिक्र किया। खरगे के मुताबिक, श्रीकृष्ण सिंह ने कहा था कि बिहार में सांप्रदायिक शांति बनाए रखना जरूरी है और सांप्रदायिक सोच लोकतंत्र के लिए खतरा है। खरगे ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने आरएसएस की विचारधारा को देश की शांति के लिए खतरा माना था।

छुआछूत के खिलाफ काम का भी जिक्र

खरगे ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने छुआछूत के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने देवघर के प्रसिद्ध बाबा धाम में दलितों और पिछड़े वर्गों के लोगों पर लगी रोक को खत्म किया था। खरगे ने आरोप लगाया कि आज भी भाजपा और आरएसएस में ऐसे लोग मौजूद हैं जो संविधान के खिलाफ हैं और छुआछूत की सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जमीन डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जैसे नेताओं की विचारधारा वाली रही है, लेकिन नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए हैं।

चंपारण आंदोलन और गांधी से मुलाकात का किया जिक्र

खरगे ने कहा कि 1916 में चंपारण आंदोलन के दौरान श्रीकृष्ण सिंह की पहली मुलाकात महात्मा गांधी से हुई थी। उन्होंने कहा कि गांधी जी के प्रभाव में श्रीकृष्ण सिंह ने अपनी अच्छी चल रही वकालत छोड़ दी और आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए। आंदोलन के दौरान उन्होंने 8 साल से ज्यादा समय जेल में बिताया।

खरगे ने आरोप लगाया कि जब देश के लोग आजादी की लड़ाई में जेल जा रहे थे, तब आरएसएस के लोग अंग्रेजी शासन के साथ काम कर रहे थे और उनके लिए जासूसी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देशभक्त नहीं कहा जा सकता।

महिला आरक्षण को लेकर मोदी सरकार पर निशाना

खरगे ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने वाला कानून पारित करवाया था। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि परिसीमन के बाद नया कानून लाया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं को अभी एक-तिहाई आरक्षण देने में क्या परेशानी है। खरगे ने कहा कि विपक्ष लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार इसे अभी लागू नहीं करना चाहती।

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