छत्तीसगढ़

शहीदों की कहानी सुन बहने लगे आंसू, ग्राम बोड़रा में धनतेरस पर अनोखा आयोजन

बालोद: देश की सरहदों पर तैनात जवानों की बदौलत हम अपने घर में चैन की नींद लेते हैं. सीमा पर तैनात जवान सर्दी, गर्मी और बरसात में ड्यूटी कर देश की रक्षा का फर्ज निभाते हैं. देश के लिए मर मिटने वाले इन वीर जवानों की याद में बालोद के गुरुर ब्लॉक के बोड़रा ग्राम में हर साल एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में शहीद जवानों के परिजनों को आमंत्रित किया जाता है. ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिजन इस कार्यक्रम में आकर अपना दर्द बयां करते हैं.

धनतेरस पर होता है आयोजन: शहीद जवानों और उनके परिवार को सम्मान देने के लिए हर साल यह आयोजन होता है. धनतेरस के दिन होने वाले इस आयोजन में समाज के कई गणमान्य लोग शामिल होते हैं. बहनें इस कार्यक्रम के माध्यम से बताती हैं कि कैसे उनके भाई ने देश की सेवा के लिए अपने प्राणों की आहुती दे दी. शनिवार को हुए इस आयोजन में शहीद जवानों के परिजनों ने जब अपने शहीद परिवार के सदस्य की कहानी सुनाई तो लोगों की आंखें नम हो गई. शहीद जवानों के परिवार को लोगों ने सैल्यूट किया और उनके योगदान की सराहना की.

हम शहीद परिवारों का कर्ज कभी नहीं उतार सकते हैं. दीपावली तो सभी लोग मनाते हैं लेकिन जिस तरह का आयोजन आप लोगों ने यहां किया है वो हमेशा याद रहेगा. ये एक सराहनीय पहल है. समाज हित में इस तरह का आयोजन हमेशा किया जाना चाहिए. उन माताओं को हमारा नमन हैं जिन्होने अपने वीर सपूत देश की रक्षा में खोए हैं. आपके इस आयोजन में शामिल होना हमारे लिए गर्व की बात है. जवानों की कहानी सुन मन हिम्मत और गर्व से भर गया है. जनपद उपाध्यक्ष ने जो समस्याएं बताई है उसे विधानसभा तक पहुंचाया जाएगा: संगीता सिन्हा, विधायक, बालोद

आज हम जो त्योहार मना रहे हैं उसके पीछे जो काम कर रहे हैं वो सरहद में तैनात जवान हैं. वो सर्दी, गर्मी में तैनात रहते हैं मैं उन माताओं को प्रणाम करता हूं जिन्होंने इन वीर सपूतों को जन्म दिया, जब हमारे सैलानियों पर हमला हुआ तो भारत भी चुप नहीं रहा. ये नया भारत है. ये आयोजन हमें प्रेरणा देता है कि हम एक मजबूत और सुरक्षित राष्ट्र के रुप में मिलकर आगे बढ़ें: दुर्गानंद साहू, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत

8 सालों से नो टेंशन क्लब कर रहा आयोजन: दरअसल, यह आयोजन ग्राम बोड़रा के स्थानीय युवकों द्वारा बीते 9 वर्षों से कराया जा रहा है. संगठन से जुड़े लोग हर साल शहीद परिवार के सदस्यों को यहां बुलाकर सम्मानित करते हैं.

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