छत्तीसगढ़

नगर पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर फटाका दुकानदारों को दी खुली छूट!

कोंडागांव। दीपावली के त्योहार से पहले शहर के फटाका बाजार में नगर पालिका और फटाका व्यापारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर दुकानदारों को खुली छूट दे दी है, जिससे सुरक्षा मानकों की अवहेलना हो रही है।

व्यापारी और पालिका के बीच विवाद

फटाका व्यापारियों का आरोप है कि पहले नगर पालिका के मुख्य अधिकारी (CMO) को कॉल कर अपनी परेशानी बताने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सड़कों पर अपने स्टॉल लगा दिए। इस पर CMO घटनास्थल पर पहुंचे और कहा- “मुझे भी दीपावली बनानी है। हमने आंख बंद कर रखा है। अधिकांश दुकानों में 5 किलो से अधिक बारूद निकलेगा और किसी के पास गोदाम जैसी सुरक्षा सुविधा नहीं है। कोई भी दुकान नियमों पर खरा नहीं है। अगर जांच करूंगा तो सभी दुकानें बंद हो जाएंगी।”

सुरक्षा मानकों की अवहेलना पर चुप्पी क्यों?

CMO के इस बयान के बाद सवाल यह उठता है कि लगातार फटाके की फैक्ट्री और दुकानों में आगजनी की घटनाओं के बावजूद पालिका ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी क्यों की है। क्या पालिका किसी बड़े हादसे को आमंत्रित कर रही है?

एक ओर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि अधिकांश दुकानों में 5 किलो से अधिक बारूद रखा गया है और किसी के पास गोदाम जैसी सुरक्षा सुविधा नहीं है, फिर भी जांच क्यों नहीं की जा रही। इसके अलावा, व्यापारियों को मीडिया में बाइट देने पर भी आपत्ति जताई जा रही है और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।

जब मीडिया ने पूछा कि इतनी बड़ी मात्रा में बारूद होने के बावजूद जांच क्यों नहीं हो रही, तो अधिकारी ने कहा, “जांच अब होगी, लेकिन हमारी टीम अभी उपलब्ध नहीं है।”

इस बयान से स्पष्ट होता है कि दिवाली के त्योहार तक किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घट सकती है, और इसकी जिम्मेदारी अभी तक तय नहीं है।

दीपावली के पर्व पर संभावित खतरा

दीपावली का त्योहार खुशी और उत्सव का प्रतीक है, लेकिन कोंडागांव फटाका बाजार की यह स्थिति यह दर्शाती है कि नगर पालिका की लापरवाही सीधे तौर पर व्यापारियों और आम जनता दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। यदि समय रहते नियमों का पालन और सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए, तो दीपावली के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

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