संपादकीय

‘रो-को’ का जवाब नहीं

दुनिया में असंख्य समस्याएं, टकराव, तनाव, विध्वंस और फिर भी युद्ध की विभीषिकाएं हैं। उनका कब तक, क्यों, कहां तक और कैसे विश्लेषण करें। एक पल, एक दिन सुखद, गौरव, गर्व महसूस करने का मिल जाए, तो उसे ‘एक अभिनव दीपावली’ मान-समझ कर जी लेना चाहिए। दीपावली गुजरने के बाद हमने भी आज उन लम्हों को चुना है, जो हमारे ‘राष्ट्रीय गौरव’ हैं, जिनमें रोहित शर्मा और विराट कोहली (संक्षेप में रो-को) सरीखे वैश्विक किरदार हैं। उनका आकलन एक-दो ‘शून्य’ से नहीं किया जा सकता। महानतम ब्रेडमैन, गैरी सोबर्स से लेकर ब्रायन लारा तक, ऑस्टे्रलिया में ही महानतम रिकी पोंटिंग से स्टीव स्मिथ तक, भारत में पॉली उमरीगर, विजय मर्चेंट से लेकर सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ तक और अब ‘रो-को’ तक कौनसा ऐसा बल्लेबाज है, जो कभी ‘शून्य’ पर आउट नहीं हुआ। यह अपवाद नहीं, विज्ञान या प्रौद्योगिकी नहीं कि मशीन एक जैसा ही काम करेगी। मशीन और कम्प्यूटर भी खराब हो जाते हैं, तो क्या आप उन्हें कोस सकते हो? कदापि नहीं, क्योंकि वे जीवंत, इनसानी प्राणी नहीं हैं। क्रिकेट या कोई अन्य खेल, अंतत:, खेल ही होता है। कुछ क्षण, दिन, मूड खिलाड़ी के अनुकूल नहीं होते, तो वह नाकाम रहता है। मैच हार जाता है। वह स्थिति या खिलाड़ी का फॉर्म ‘अस्थायी’ होता है। दरअसल व्याख्या और विश्लेषण खिलाड़ी की ‘क्लास’, हुनर और विख्यात कीर्तिमानों की होनी चाहिए। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की उम्र 38 साल 180 दिन की है, लेकिन उन्होंने ऑस्टे्रलिया की जमीं, पिच पर, उन्हीं की विश्व विजेता टीम के सामने, नाबाद 121 रन (125 गेंद) ठोंक दिए। इस पारी में 13 चौके और 3 छक्के थे। रोहित का ऑस्टे्रलिया में यह 9वां शतक था, जो महानतम सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड के बराबर है। रोहित एकदिनी क्रिकेट में 33 शतक, 59 अद्र्धशतक लगा चुके हैं, जबकि कुल अंतरराष्ट्रीय शतक 50 हो गए हैं। एकदिनी क्रिकेट में सर्वोच्च रन 264 भी रोहित के नाम दर्ज हैं। वह वैश्विक क्रिकेट के ऐसे इकलौते बल्लेबाज हैं, जिसके नाम एकदिनी क्रिकेट में ही 3 दोहरे शतक दर्ज हैं।

यकीनन ये जादुई, शानदार और अतुलनीय आंकड़े हैं। रोहित शर्मा ने उम्र को व्यर्थ, महज एक आंकड़ा साबित कर दिया है। एकदिनी क्रिकेट में वह 11370 रन ठोंक चुके हैं। भारत में वह सचिन और विराट के बाद तीसरे स्थान पर हैं। विराट कोहली की उम्र भी 37 साल के आसपास है। विश्व कप, 2027 तक दोनों की उम्र 40 साल होगी। आलोचक और विरोधी भी उन्हें ‘चुका हुआ बल्लेबाज’ नहीं आंक सकते। विराट ने भी ऑस्टे्रलिया की जमीं और पिच पर नाबाद 74 रन की पारी खेली है। ‘रो-को’ ने दूसरी विकेट के लिए नाबाद 168 रनों का कीर्तिमान भी बना दिया। ‘रो-को’ की यह शतकीय साझेदारी 19वीं बार है। लेकिन रोहित शर्मा उर्फ ‘हिटमैन’ कुल 68वीं बार शतकीय साझेदारी का हिस्सा बने। विराट के नाम एकदिनी 51 शतकों का विश्व-कीर्तिमान भी दर्ज है। उन्होंने ही महानतम सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के कीर्तिमान को पीछे किया था। वह अब विश्व क्रिकेट में सचिन के सर्वाधिक 18,426 रनों के बाद दूसरे स्थान पर आ गए हैं। विराट ने ही संगकारा के 14,234 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा। दरअसल ‘रो-को’ का कोई जवाब ही नहीं है। इनके कीर्तिमानों का एक पूरा इतिहास है, लिहाजा एक संपादकीय अपनी परिधि में इन्हें बांध नहीं सकता। टीम इंडिया के मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता किसी भी पूर्वाग्रह के तहत ‘रो-को’ को टीम से बाहर रखें, तो देश भर में बवाल मच जाएगा। रोहित को फिर से कप्तान बनाने के मद्देनजर गावस्कर, कपिल देव, रवि शास्त्री, नवजोत सिंह सिद्धू सरीखे विश्व चैम्पियन खिलाडिय़ों ने सोशल मीडिया पर लगातार टिप्पणियां लिखी हैं और बीसीसीआई को अपने गलत फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। खिलाडिय़ों का चयन उनकी ‘क्लास’ और मौजूदा खेल के आधार पर किया जाना चाहिए। सिर्फ उम्र के आधार पर उन्हें रिटायर होने को बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। रोहित शर्मा टी-20 की विश्व चैम्पियन टीम के भी कप्तान थे। बहरहाल ‘रो-को’ के संदर्भ में कोई भी दुराग्रह निंदनीय है।

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