व्यापार

क्या महंगाई आने वाली है? वेनेजुएजा पर अमेरिकी हमले के बाद भारत से ट्रेड पर क्या होगा असर

नई दिल्ली: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद दुनियाभर में कच्चे तेल को लेकर हलचल मच गई। जियो पॉलिटिकल हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं। लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला पर हुए हमले का असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा। वेनेजुएला में फिलहाल राजनीतिक नेतृत्व को लेकर असमंजस है। अब देश के अंदरूनी हालात कैसे होंगे इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे तेल को लेकर अमेरिकी असहजता का निशाना बने और एकतरफा भारी भरकम टैरिफ का शिकार बने भारत के लिए वेनेजुएला का हालिया संकट परेशानी का सबब बन सकता है। कच्चे तेल के भंडार की धरती वेनेजुएला से दुनिया के कई देशों की तरह भारत भी तेल आयात करता रहा है। हालांकि बीते एक दशक में इस स्थिति में खासा बदलाव आया है।

भारत ने कितना तेल किया आयात?

साल 2013 में भारत के कुल तेल आयात में वेनेजुएला की भागीदारी 10% थी। हालांकि साल 2019 में घटकर 5.9% और साल 2020 में यह केवल 3.6% ही रह गई। साल 2024 में वेनेजुएला ने एक बार फिर भारतीय बाजार में जगह बनाई। बीते साल वह भारत का 10वां सबसे बड़ा तेल आयातक बनकर सामने आया। भारत ने उससे करीब 22 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा। मगर, अमेरिका की ओर से टैरिफ ऐलान के बाद यह कम हुआ है।

क्या महंगाई पैर पसारेगी?

वेनेजुएला ने साल 2025 में दुनिया की तेल सप्लाई का एक फीसदी हिस्सा यानि 9,00,000 बैरल तेल हर दिन प्रोड्यूस किया। ऐसे में अगर वेनेजुएला की तेल सप्लाई पर संकट आया तो, कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होना तय है। ये ऐसे देशों के लिए और मुश्किलें लाएगा, जो अपनी खपत का ज्यादातर हिस्सा तेल बाहर से खरीदते हैं। उनमें भारत का नाम भी शामिल है, जो पहले से ही रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी टैरिफ झेल रहा है। ऐसे में भारत को दूसरे देशों से महंगा तेल खरीदना पड़ सकता है। ऐसा होने पर भारत समेत कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है।

भारत और वेनेजुएला के बीच व्यापारिक रिश्ते

भारत और वेनेजुएला के बीच रिश्ते गहरे हैं। भारत ने हाल ही में 2.7 टन जीवन रक्षक वैक्सीन वहां भेजी हैं। भारत वहां फर्मास्यूटिकल्स उत्पाद, मशीनरी और कपड़ों का निर्यात करता है। हाल ही में दोनों देशों के बीच डिजिटल सहयोग पर एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए हैं। अगर वेनेजुएला में अमेरिका शासन करता है तो भारत के साथ व्यापार को लेकर कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button