अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका ने रूसी झंडा लगे टैंकर पर किया कब्जा, दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ी तनातनी

एपी, वाशिंगटन। वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से उपजा तनाव अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अमेरिका ने बुधवार को उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी झंडा लगे तेल टैंकर को जब्त कर लिया। इस टैंकर की सुरक्षा के लिए रूसी पनडुब्बी भी साथ चल रही थी। अमेरिका की इस कार्रवाई से दोनों महाशक्तियों के बीच तनातनी बढ़ गई है।

एक तफ रूस के वरिष्ठ सांसद आंद्रेई क्लिशास ने इसे समुद्री डकैती करार दिया है, तो दूसरी तरफ व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा। इस घटना के कुछ ही देर बाद अमेरिका ने कैरिबियन सागर में एक अन्य जहाज पर भी कब्जा कर लिया।

अंतरराष्ट्रीय नियमों को दरकिनार कर जिस तरह अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर रहा है, उससे वैश्विक संकट गहराने की आशंका उत्पन्न हो गई है। अमेरिकी यूरोपीय कमान ने इंटरनेट मीडिया पर अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में व्यापारिक पोत बेला-1 (मरीनरा) को जब्त करने की घोषणा की।

अमेरिका पिछले महीने से इस टैंकर का पीछा कर रहा था, क्योंकि इसने वेनेजुएला के आसपास प्रतिबंधित तेल जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश की थी। अब यह टैंकर अमेरिकी तटरक्षक बल के कब्जे में है।

इसके बाद गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में टैंकर सोफिया को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है। दोनों जहाज या तो आखिरी बार वेनेजुएला में रुके थे या वहां जा रहे थे। दोनों जहाज प्रतिबंधित जहाजों के ”गुप्त बेड़े” का हिस्सा हैं, जो पश्चिमी प्रतिबंधों की अवहेलना करते हुए रूस, ईरान और वेनेजुएला से तेल लेकर ज्यादातर एशियाई ग्राहकों को भेजते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, रूसी टैंकर की जब्ती से संकेत मिलता है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद भी अमेरिका वेनेजुएला के तेल पर अपनी नाकेबंदी जारी रखना चाहता है। तेल की बिक्री से होने वाली आय वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को शक्ति प्रदान करती है। इसके निर्यात पर अंकुश लगाने से मादुरो की उत्तराधिकारी डेल्सी रोड्रिग्ज पर दबाव पड़ेगा।

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अनिश्चित काल तक वेनेजुएला के तेल व्यापार की निगरानी करना चाहता है।ब्रिटेन ने कहा कि उसने तेल टैंकर को जब्त करने के अमेरिकी अभियान में अमेरिका को सहायता प्रदान की। अमेरिका द्वारा सहायता के अनुरोध के बाद उसकी सशस्त्र सेनाओं ने पूर्व-नियोजित परिचालन सहायता प्रदान की, जिसमें सैन्य अड्डे पर तैनाती भी शामिल है।

चालक दल पर चलाया जा सकता है मुकदमा

रॉयटर के अनुसार, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि अमेरिका द्वारा जब्त किए गए रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर के चालक दल पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

लेविट ने कहा, जहाज के खिलाफ न्यायिक जब्ती का आदेश था। इसका मतलब है कि चालक दल अब संघीय कानून के किसी भी उल्लंघन के लिए अभियोजन के अधीन है। यदि आवश्यकता पड़ी तो मुकदमा चलाने के लिए चालक दल को अमेरिका लाया जाएगा।

रूस ने समुद्री कानून का उल्लंघन बताया

रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर को जब्त करना समुद्री कानून का उल्लंघन है। टैंकर पर अमेरिकी सैन्य बलों के चढ़ने के बाद उससे संपर्क टूट गया था।

समुद्री कानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अनुसार, खुले समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता लागू होती है। रूस ने अमेरिका से मांग की है कि चालक दल के सदस्यों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और उनकी शीघ्र घर वापसी सुनिश्चित कराई जाए।

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