दिल्ली

8 फीट लंबा, 286 KG वजन…ओडिशा से अयोध्या चला प्रभु श्रीराम का ‘स्वर्ण धनुष’, जानें कब पहुंचेगा

नेशनल डेस्कः ओडिशा से प्रभु श्रीराम के लिए एक विशेष और भव्य स्वर्ण धनुष यात्रा शुरू की गई है। यह यात्रा सनातन जागरण मंच (स्माइल फॉरएवर फाउंडेशन) की ओर से आयोजित की जा रही है। 286 किलोग्राम वजनी यह स्वर्ण धनुष शुक्रवार को राउरकेला स्थित हनुमान वाटिका से रवाना हुआ और शनिवार को सुंदरगढ़ पहुंचा। इसके बाद यह यात्रा ओडिशा के कई जिलों से होती हुई अयोध्या पहुंचेगी।

कब और कहां पहुंचेगा धनुष

जानकारी के मुताबिक, यह धार्मिक यात्रा 19 जनवरी को पुरी के श्रीजगन्नाथ धाम से आगे प्रस्थान करेगी और 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचकर संपन्न होगी। अयोध्या में यह भव्य धनुष श्रीराम मंदिर में रामलला को समर्पित किया जाएगा।

धनुष का आकार और वजन

यह स्वर्ण धनुष अपने आकार और वजन के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

  • लंबाई: 8 फीट
  • चौड़ाई: 3 फीट
  • कुल वजन: 286 किलोग्राम

किन धातुओं से बना है धनुष

इस भव्य धनुष को बनाने में कई धातुओं का उपयोग किया गया है:

240 किलो तांबा, 22 किलो लोहा, 20 किलो अभ्रक (माइका), 2.5 किलो चांदी और 1 किलो सोना, जिसे 10 माइक्रॉन गोल्ड प्लेटिंग के रूप में लगाया गया है। यह धनुष पंचधातु (सोना, चांदी, एल्युमिनियम, जस्ता और लोहा) से निर्मित है।

कारीगरी की खास बात

इस स्वर्ण धनुष को तमिलनाडु के कांचीपुरम की 40 महिला शिल्पकारों ने तैयार किया है। यह उनके उत्कृष्ट शिल्प और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। धनुष पर भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और चांदी का जड़ाऊ मुकुट भी लगाया गया है।

भारत की सैन्य उपलब्धियों की झलक

धनुष पर करगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत की प्रमुख सैन्य उपलब्धियों का उल्लेख भी अंकित किया गया है, जो इसे धार्मिक के साथ-साथ राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनाता है।

अयोध्या में होगा विशेष अभिषेक

सनातन जागरण मंच के संयोजक संतोष बिस्वाल के अनुसार, अयोध्या पहुंचने पर स्वर्ण धनुष, भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा और चांदी के मुकुट का श्रीराम मंदिर में विधिवत अभिषेक किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद रहे कई बड़े नेता

हनुमान वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम, बाबा कालिदासजी महाराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय और रघुनाथपाली विधायक दुर्गा तंती शामिल थे।

ओडिशा के सभी जिलों से गुजरेगी शोभायात्रा

संतोष बिस्वाल ने बताया कि यह शोभायात्रा पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत ओडिशा के सभी जिलों से होकर गुजरेगी, ताकि अधिक से अधिक राम भक्त इस ऐतिहासिक और पवित्र यात्रा के साक्षी बन सकें। यह स्वर्ण धनुष न सिर्फ श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, शिल्प और सैन्य गौरव की भी झलक पेश करता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button