महाराष्ट्र में 2 वाला नियम, नागपुर ननिगम चुनाव लड़ रहीं 4 बच्चों की मां, अब NCP शरद का क्या होगा ?

नागपुर : पुष्पा वाघमारे चार बच्चों की मां हैं। पुष्पा नागपुर नगर निगम चुनाव लड़ रही हैं, जबकि महाराष्ट्र में एक कानून है जिसके अनुसार दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनाव नहीं लड़ सकते। 1995 में महाराष्ट्र नगर निगम और नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप (द्वितीय संशोधन) अधिनियम लागू हुआ था, जिसमें कहा गया है कि दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार इन चुनावों में भाग नहीं ले सकते।मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड सहित राज्य भर के 29 नगर निगमों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और वोटों की गिनती 16 जनवरी को होगी।
नागपुर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। 2017 में हुए पिछले नगर निगम चुनाव तक, भाजपा ने नागपुर नगर निगम पर लगातार तीन कार्यकाल तक अपना नियंत्रण बनाए रखा था।
शरद पवार की पार्टी प्रत्याशी
पुष्पा वाघमारे दक्षिण-पश्चिम नागपुर के वार्ड 36 से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। उनके नामांकन को लेकर विवाद बढ़ने के साथ ही उन्होंने यह दावा किया कि पहली बार चुनाव लड़ रही उम्मीदवार होने के नाते उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ बारहवीं कक्षा पास की है और पहली बार चुनाव लड़ रही हूं, इसलिए मुझे नियमों की जानकारी होने का कोई कारण नहीं है। अगर मुझे पता होता कि दो से अधिक बच्चों की मां महानगरपालिका चुनाव नहीं लड़ सकती, तो मैं आवेदन ही नहीं करती।
पुष्पा बोलीं- पीछे नहीं हटूंगी
पुष्पा ने कहा कि मेरा नामांकन स्वीकार कर लिया है, और इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। मैं उस गलती की ज़िम्मेदारी नहीं उठाऊंगी जो मेरी नहीं है। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं चुनाव में बनी रहूंगी। जब उनसे पूछा गया कि जीतने पर उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, तो उन्होंने जवाब दिया कि प्लीज उस अधिकारी से पूछें जिसने मेरा नामांकन स्वीकार किया। अगर किसी अधिकारी ने मेरा फॉर्म स्वीकार किया है, तो मुझे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
कैटरिंग का करती हैं काम
कैटरिंग व्यवसाय में एक छोटी उद्यमी, पुष्पा वाघमारे एक समाजसेवी भी हैं जो स्थानीय महिलाओं के बीच लोकप्रिय हैं। उनके क्षेत्र में जल निकासी की समस्या है और भारी बारिश के दौरान अक्सर बाढ़ आ जाती है। उनका दावा है कि वह पिछले प्रतिनिधियों द्वारा अनदेखी की गई नागरिक समस्याओं को दूर करने के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
क्या बोले अफसर
नागपुर नगर निगम चुनाव के निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिजीत चौधरी ने बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दृष्टि से रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय अंतिम माना जाता है। इसके विरुद्ध अपील केवल न्यायालय में ही की जा सकती है। हम अपने स्तर पर निर्णय नहीं बदल सकते।
प्रभागों की 151 सीटों के लिए हुए चुनावों में जांच के दौरान 80 फॉर्म खारिज कर दिए गए, जिससे शुरुआत में 1,294 उम्मीदवार रह गए। नाम वापस लेने की अवधि समाप्त होने के बाद, अब 993 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। जब डॉ. चौधरी से पूछा गया कि क्या यह कोई गंभीर चूक थी, तो उन्होंने नामांकन के अंतिम दिन भारी भीड़ और जांच प्रक्रिया शुरू होने से पहले पर्याप्त अंतराल न होने का हवाला दिया। उन्होंने आगे कहा कि रिपोर्ट जमा होने के बाद ही इसके सटीक कारण स्पष्ट होंगे।




