मध्यप्रदेश

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचे CM मोहन यादव, तोड़ा सियासत का सबसे बड़ा अंधविश्वास

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वह साहस कर दिखाया, जिससे पिछले 41 वर्षों से राज्य के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बचते रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी की गवाह रही यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में डॉ. यादव न केवल पहुंचे, बल्कि बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा तामझाम के वहां रुककर भविष्य की कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ विस्तृत मंथन भी किया।

कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1984 में मौत का यह तांडव कांग्रेस के शासनकाल में हुआ था और तत्कालीन सरकार ने ही मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को भगाने में मदद की थी। डॉ. यादव ने कहा कि राहुल गांधी को इस ऐतिहासिक कलंक के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 25 साल तक जहरीले कचरे को यहीं पटक कर रखा और इस क्षेत्र को ‘भुतहा’ बना दिया था, जबकि हमारी सरकार ने कचरे का निस्तारण कर हवा को साफ किया है।

स्मारक बनाने की योजना

मुख्यमंत्री ने फैक्ट्री परिसर की करीब 85 एकड़ जमीन के उपयोग को लेकर अफसरों से चर्चा की। उन्होंने संकेत दिए कि कोर्ट के मार्गदर्शन और सभी पक्षों के सुझावों के आधार पर यहां एक मेमोरियल (स्मारक) सहित अन्य विकास कार्य किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि पुलिस विभाग ने भी यहां डीआरपी लाइन के लिए जमीन की मांग की है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की दिशा में हर रुकावट को हटाया जाएगा।

गैस त्रासदी के बाद से ‘प्रतिबंधित’ क्षेत्र

आपको बता दें कि गैस त्रासदी के बाद से यह क्षेत्र ‘प्रतिबंधित’ और ‘जहरीला’ माना जाता रहा है, जिसके कारण राजनीतिक गलियारों में यहां जाने को लेकर एक अनकहा डर था। डॉ. यादव पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने धरातल पर पहुंचकर यह संदेश दिया कि अब यह क्षेत्र सुरक्षित है।

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