मुंबई मेयर चुनाव: लॉटरी से पहले उद्धव ठाकरे को झटका, 64 पार्षदों ने कराई एंट्री, महिला कॉरपोरेटर नॉट रिचेबल

मुंबई: महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 महानगरपालिकाओं के महापौर चुनाव की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होगी। मुंबई में केंद्रीय नगर विकास मंत्री मेयर के पद के लिए लॉटरी ड्रॉ निकालेंगी। इसमें तय मेयर की कुर्सी का आरक्षण तय होगा, लेकिन इससे पहले उद्धव ठाकरे को टेंशन देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। बुधवार को शिवसेना यूबीटी के 65 पार्षदों में 64 तो पहुंचे, लेकिन एक महिला पार्षद ने बीएमसी के संविधान के अनुसार अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। इस घटनाक्रम के बाद अटकलें शुरू हो गई है महिला पार्षद ने क्यों अपना पंजीकरण नहीं कराया। ये पार्षद डॉ. सरिता म्हस्के हैं। वह वार्ड 157 से जीती थीं। उन्होंने मुकाबले में बीजेपी की उम्मीदवार आशा ईश्वर तायडे को हराया था, हालांकि पार्टी की तरफ यह कहा जा रहा है कि नॉट रिचेबल नहीं है, लेकिन रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं पहुंचने पर राजनीति गरमा गई है।
शिंदे मांग रहे हैं मेयर की कुर्सी
मुंबई में मेयर को लेकर महायुति के घटक दलों बीजेपी और शिवसेना में खींचतान जारी है। एकनाथ शिंदे बाल ठाकरे के शताब्दी वर्ष का हवाला देकर कम से कम एक साल के लिए बीएमसी में शिवसेना के लिए मेयर की कुर्सी मांग रहे हैं। बीजेपी ने चुनावों में कहा था कि मेयर महायुति का होगा। अब देखना है कि शिवसेना का इमोशनल दांव पूरा होता है या फिर बीजेपी अपने किसी पार्षद को मेयर बनाती है। बीएमसी में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन वह मेयर बनाने के लिए शिंद की अगुवाई वाली शिवसेना पर आश्रित है। शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं।
रवींद्र चव्हाण का बड़ा बयान
महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का बड़ा बयान सामने आया है। बुधवार को चव्हाण ने कहा कि कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, ठाणे में महायुति का मेयर होगा। बीजेपी प्रदेश प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद आखिरी फैसला होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दौरे से लौटने के बाद मुंबई में एकनाथ शिंदे के साथ एक जॉइंट मीटिंग होगी। गौरतलब हो कि प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले हफ्ते अपनी मीटिंग में इन तीनों नगर निगमों में महायुति के मेयर बनने को लेकर डिटेल में चर्चा कर चुके हैं। एमएमआर में आने वाली तीनों नगर निगमों में महायुति को मैंडेट मिला है, इसलिए इस मैंडेट के हिसाब से महायुति तीनों नगर निगमों में अपने मेयर बनाएगी।




