छत्तीसगढ़

15 अगस्त और 26 जनवरी को तमाम मस्जिदों, मदरसों, इमामबाड़ों में ध्वजारोहण किया जाएगा-सलीम राज

रायपुर। 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व मनाने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अनुदान देने पर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. एक तरफ बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष सलीम राज ने जहां कांग्रेस पर मुसलमानों को आतंकवादी बनाने का आरोप लगाया. इस पर पलटवार करते हुए वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलीम रिजवी ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी है.

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मुसलमानों पर आरोप लगता है कि वे देश से प्रेम नहीं करते हैं. हम चाहते हैं कि सामाजिक एकता और ताना-बाना बना रहे. यही वजह है कि बोर्ड ने फैसला लिया है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान तमाम मस्जिदों, मदरसों, इमामबाड़ों में ध्वजारोहण किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कुछ दरगाह और इमामबाड़ों की ओर से कहा गया कि वे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण कर पाएंगे, मिठाई नहीं बांट पाएंगे. इस पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने फैसला लिया है कि गरीब संस्थाओं को हम पांच हजार से सात हजार रुपए अनुदान देंगे, जिससे वे ध्वजारोहण के साथ मिठाई का भी वितरण कर सकें, और 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व का महत्व बताने के लिए संगोष्ठी कर सकें.

वहीं उन्होंने कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किए जाने को लेकर कहा कि यह समझ से परे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा और आतंकी बनाने का काम किया. उन्हें देश की एकता से दूर रखा. कांग्रेस सिर्फ आतंकवादियों का समर्थन करती है, और भाजपा राष्ट्रीयता की बात करती है. जो देश से प्यार करेगा, वह राष्ट्रीय ध्वज से प्यार करेगा.

सलीम राज के बयान पर वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलाम रिजवी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह वो कांग्रेस है, जिसने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी है. उसके नेता सालों-साल जेल में रहे हैं. सलीम राज जिस पार्टी से आते हैं, वो आजादी से पहले अंग्रेजों का साथ देती थी. कांग्रेस ने आंतकी पैदा नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि मस्जिदों-मदरसों को 26 जनवरी-15 अगस्त के लिए अनुदान देने की बात सलीम राज करते हैं, वह पहले यह बताएं कि 6 हजार मस्जिदों को देने के लिए 6 करोड़ रुपए लाएंगे कहां से. वक्फ बोर्ड का बजट ही सवा दो करोड़ का है. यह तुष्टिकरण की बात करते हैं तो फिर मस्जिद और मदरसों को ही क्यों अनुदान दे रहे हैं, 26 जनवरी और 15 अगस्त मनाने के लिए मंदिर और चर्च को भी अनुदान दें.

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