डिंपल मेहता, शानू गोहिल या अनीता पाटील.. कौन बनेगा मीरा भायंदर मेयर?

मुंबई : मीरा-भाईंदर महानगर पालिका महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण लगातार पांचवीं बार इस पद पर महिला ही विराजमान होंगी। आगामी 3 फरवरी को महापौर और उप महापौर पद का चुनाव होने जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुए मनपा चुनावों में कुल 95 सदस्यों में से 51 महिला नगरसेवकों की जीत ने यह साफ कर दिया है कि सदन में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति है। सत्ताधारी बीजेपी के सामने अब महिला महापौर के चयन की चुनौती है।
डिंपल मेहता दूसरी बार महापौर बनकर रच सकती है इतिहास
महापौर पद की दौड़ में फिलहाल डिंपल मेहता का नाम सबसे आगे चल रहा है। यदि उन पर पार्टी नेतृत्व की मुहर लगती है, तो वे दूसरी बार महापौर बनकर एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर सकती है। उनके बाद शानू गोहिल, अनिता पाटिल, वंदना पाटिल और दीपिका अरोड़ा के नाम चर्चा में हैं। हालांकि कुछ आंतरिक और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते वंदना पाटिल और दीपिका अरोड़ा की राह कठिन मानी जा रही है। वहीं पहली बार जीतकर सदन में पहुंची योगिता शर्मा के समर्थक भी अंतिम समय में किसी चौंकाने वाले फैसले की उम्मीद लगाए बैठे है।
उपमहापौर की रेस में ध्रुवकिशोर का पलड़ा भारी
उपमहापौर पद के लिए ध्रुवकिशोर पाटिल और मदन सिंह को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा संजय थेराडे जैसे नाम भी अंतिम क्षणों में उभर सकते है। ध्रुवकिशोर पाटिल को जहां मनपा प्रशासन और कार्यप्रणाली का अच्छा अनुभव है, वहीं मदन सिंह लंबे समय से इस पद के दावेदार रहे हैं। मौजूदा हालात में अनुभव और संगठनात्मक स्वीकार्यता के चलते ध्रुवकिशोर पाटिल का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
मराठी भाषी नेतृत्व की मांग
महापौर पद को लेकर मराठी भाषी नेतृत्व की मांग लगातार तेज होती जा रही है। राज्य में मराठी अस्मिता और भाषा को लेकर बने माहौल का असर मीरा-भाईंदर के समीकरण पर पड़ता दिख रहा है। महापौर या उपमहापौर, दोनों में से किसी एक पर मराठी भाषी का चयन तय माना जा रहा है।
क्या है निर्णायक फैक्टर
नेतृत्व के लिए सबसे बड़ा पैमाना भरोसा और संगठन के प्रति निष्ठा माना जा रहा है। स्थानीय नेतृत्व का विश्वास जीतने वाले चेहरे ही बाज़ी मार सकते हैं। इस दृष्टि से डिंपल मेहता, शानू गोहिल और ध्रुवकिशोर पाटिल अन्य दावेदारों से आगे नजर आते है।




