SIR पर सवाल, भोपाल के नरेला में एक ही छत के नीचे रह रहे 43 वोटर

भोपाल: चुनाव आयोग दावा कर रहा था कि विशेष अभियान चलाकर वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ-सुथरा कर दिया गया है, लेकिन 21 फरवरी को जारी हुई नई लिस्ट ने इन दावों की हवा निकाल दी है। भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में ऐसे जादुई मकान मिले हैं, जिनमें कागजों पर तो दर्जनों लोग रह रहे हैं, लेकिन जब मौके पर जाकर देखा गया तो वहां एक छोटा सा परिवार मिला। इस भारी गड़बड़ी ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
एक घर, 43 वोटर और सब अलग-अलग जाति के!
नरेला के करौंद इलाके में वोटर लिस्ट का जो खेल सामने आया है, वो हैरान करने वाला है। वार्ड 75 के एक मकान में, जहां पोखरलाल साहू रहते हैं, वहां 37 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। हद तो तब हो गई जब वार्ड 63 में हमीर सिंह यादव के पते यानी कि मकान नंबर 21 पर 43 वोटर पाए गए। मजेदार बात यह है कि इनमें से ज्यादातर वोटरों की जातियां अलग-अलग हैं। जिस घर में मुश्किल से 4-5 लोग समा सकते हैं, वहां कागजों में पूरा गांव बसा दिया गया है।
कांग्रेस ने पकड़ी चोरी, पूछा- ये कैसे हुआ?
इस धांधली का खुलासा कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने किया है। उन्होंने मौके पर जाकर जब जांच की, तो पता चला कि जिस पते पर 37 वोटर बताए गए थे, वहां असल में सिर्फ 4 लोग ही रहते हैं। मनोज शुक्ला ने सीधे प्रशासन को घेरा है। उनका कहना है कि जब सरकार ने गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) का ढिंढोरा पीटा था, तो फिर ये फर्जी नाम लिस्ट से कटे क्यों नहीं?
चुनाव आयोग तक पहुंची शिकायत
इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह किसी खास दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश है? मनोज शुक्ला ने अब जिला निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की बारीकी से जांच हो और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरे, ताकि आने वाले चुनाव में कोई फर्जी वोटिंग का खेल न कर सके।



