
देहरादून : उत्तराखंड के ऋषिकेश में भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खादरी ग्राम सभा क्षेत्र में सड़क पर पानी भरे इलाके में बिजली का लाइव तार टूटने से फैले करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला और उसकी 2 साल की मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। मौत से ठीक पहले मां ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने 12 साल के बेटे को दूर रहने का इशारा कर उसकी जान बचा ली।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम खादरी ग्राम सभा इलाके में हुई इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के जूनियर इंजीनियर (JE) शंभू प्रसाद बहुगुणा को सोमवार को सस्पेंड कर दिया गया।
महिला के पति, हरपाल सिंह जेठुडी ने इस घटना के संबंध में UPCL के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) शक्ति प्रसाद, सब-डिविजनल इंजीनियर (SDE) शशिकांत सिंह और JE बहुगुणा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार देर शाम हुई जब बारिश और तेज हवाओं के कारण एक लो-टेंशन (LT) लाइन टूटकर सड़क पर पानी भरे इलाके में गिर गई। पानी में करंट फैलने से सुमन और उनकी बेटी सृष्टि जिसे उन्होंने गोद में ले रखा था, करंट की चपेट में आ गईं। अधिकारियों ने बताया कि उनका 12 साल का बेटा भी वहां मौजूद था लेकिन उन्होंने उसे दूर रहने के लिए कहकर उसकी जान बचा ली।
घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थानीय निवासी और टिहरी गढ़वाल जिला पंचायत की सदस्य पुष्पा रावत ने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह विभागीय लापरवाही का मामला है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग पिछले एक साल से एरियल बंचिंग केबल लगाने की मांग कर रहे थे और अगर ये केबल लगाई गई होतीं तो यह हादसा नहीं होता। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए UPCL के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश चंद्र ध्यानी ने रायवाला बिजली वितरण सब-डिविजन के जूनियर इंजीनियर बहुगुणा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश दिया।
ध्यानी ने मामले की समीक्षा के लिए देहरादून में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच के आदेश दिए। विस्तृत जांच के लिए चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारियों वाली तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है और उन्हें तुरंत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
UPCL के मैनेजिंग डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना के बाद ध्यानी ने अधिकारियों को पूरे राज्य में बिजली लाइनों और अन्य बिजली से जुड़ी संपत्तियों के लिए एक विशेष सुरक्षा निरीक्षण और निवारक रखरखाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया जिसके तहत सभी LT लाइनों की गहन जांच की जाएगी।




