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ईरान से तेल की खरीद जारी, टैंकर के भारत से चीन जाने की खबर को सरकार ने बताया फर्जी

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी लड़ाई के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस टैंकरों वाले जहाजों का ट्रांजिट होना मुश्किल हो गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि पेमेंट में दिक्कत की वजह से ईरान के एक क्रूड टैंकर को चीन भेज दिया गया। ईरान से करीब 600,000 बैरल कच्चे तेल की खेप लेकर आ रहे जहाज के गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन यह अचानक चीन की तरफ मुड़ गया। लेकिन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस खबर को सिरे से खारिज किया है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत 40 से ज्यादा देशों से क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता है और कंपनियों को कमर्शियल वजहों से अलग-अलग सोर्स और जगहों से तेल लेने की पूरी छूट है।मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावटों के बीच भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने ईरान सहित अपनी क्रूड ऑयल की जरूरतें पूरी कर ली हैं और ईरान से क्रूड ऑयल के इंपोर्ट के लिए पेमेंट में कोई रुकावट नहीं है, जो फैलाई जा रही अफवाहों के उलट है।

कैसे काम करता है ऑयल ट्रेड?

मंत्रालय ने आगे कहा कि वेसल डायवर्जन के दावों में इस बात को नजरअंदाज किया जाता है कि ऑयल ट्रेड कैसे काम करता है। बिल ऑफ लैडिंग में अक्सर इंडिकेटिव डिस्चार्ज पोर्ट डेस्टिनेशन होते हैं और ऑन-सी कार्गो ट्रेड ऑप्टिमाइजेशन और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के आधार पर बीच यात्रा में डेस्टिनेशन बदल सकते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि भारत की कच्चे तेल की जरूरतें आने वाले महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। एलपीजी पर भी कुछ दावे गलत हैं क्योंकि ईरान से आए जहाज सी बर्ड ने हाल में मैंगलोर में गैस उतारी है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय ध्वज लगा एक और एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर गया। जहाज ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, यह इस अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित पार करने वाला सातवां भारतीय पोत है।

एलपीजी सप्लाई

जहाज ने ईरान के समुद्री इलाके से होकर एक तय रास्ते का इस्तेमाल किया। टैंकर में लगभग 44,000 टन एलपीजी है जो भारत में लगभग आधे दिन की एलपीजी की खपत के बराबर है। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भारत के झंडे वाले दो और एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम के स्ट्रेट पार करके भारत आने की उम्मीद है।

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