महाराष्ट्र

उद्धव ठाकरे गुट ने BMC में किया 3 लाख करोड़ का घोटाला, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष का आरोप

मुंबई : बीएमसी चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने आरोप लगाया है कि पिछले 25 वर्षो में उद्धव ठाकरे गुट ने बीएमसी में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया है। उद्धव गुट ने सड़क निर्माण और मरम्मत, कचरा उठने, कोविड सेंटर बनाने, टैब खरीदी, टॉयलेट की सफाई जैसे कार्यों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार किया है। यह अब तक का देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है। बीजेपी ने रविवार को उद्धव सेना के खिलाफ ‘चार्जशीट’ जारी की।

अमित साटम ने कहा कि 21,000 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी मुंबईकरों को गड्डा मुक्त सड़कें नहीं मिली है, क्योंकि टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी, ज्यादा रेट पर बोली लगाना, ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को मौका देना शामिल है।

कोविड घोटाले का जिक्र

कोविड के समय में नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कोविड सेंटर बनाने का ठेका दिया गया। ईडी पूरे मामले की जांच कर रही है। यह 100 करोड़ रुपये का घोटाला है। कोविड के दौरान 1500 रुपये का बॉडी बैग 6,721 रुपये में खरीदा गया। ऑक्सीजन प्लांट में 320 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। वहीं, रविवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित साटम ने अपने खिलाफ उद्धव ठाकरे द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर कहा कि मैं एक मिडिल-क्लास मराठी परिवार से आता हूं, इसलिए, उद्धव ठाकरे ने न केवल मुझे, बल्कि हर मिडिल-क्लास मराठी आदमी, कोंकणी आदमी और मालवणी का अपमान किया है।

’10 वर्षों में 114 मराठी मीडियम स्कूल बंद हो गए’

साटम ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में मुंबई में 114 मराठी मीडियम स्कूल बंद हो गए है। आज सिर्फ 254 मराठी मीडियम स्कूल बचे है। उद्धव गुट का मराठी प्रेम सिर्फ दिखावा है। टैब खरीदने पर 40 करोड़ खर्च किए गए। शिक्षा के क्षेत्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 182 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। मुंबईकरों को पीने के लिए मिलने वाले पानी पर चार्ज हर साल 8% बढ़ाया गया। पानी के प्रोजेक्ट में मुंबईकरो से 680 करोड़ रुपये ठगे गए। नाले की सफाई में गाद का वजन बढ़ाया गया और ठेकेदारों को पैसे दिए गए। कैग ने अपनी रिपोर्ट में 1200 करोड़ की गड़बड़ियों की बात कही है। 2 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद मीठी नदी प्रोजेक्ट 20 साल बाद भी अधूरा है।

आरोपों की झड़ी लगाई

आरोप लगाया गया कि कचरा ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के मार्ग में गड़बड़ी करके 900 करोड़ रुपये का स्कैम किया गया। इलेक्ट्रिक बसे खरीदते समय गैर-कानूनी तरीके से 3600 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया। गोरेगांव पत्राचाल प्रोजेक्ट में 1034 करोड़ रुपये और एडॉप्शन सेटलमेंट स्कीम में 6,000 करोड़ रुपयों का गबन किया गया। पेंगुइन वॉर्ड मेटेनेंस में 15 करोड़ रुपये और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट फीस माफ करने में 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान बीएमसी को हुआ है। मेट्रो प्रोजेक्ट का काम रोककर उद्धव ने राज्य को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

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