
ब्यूरो— नई दिल्ली, एशिया कप जीतने के बाद भारत को भले ही ट्रॉफी नहीं मिली हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इससे करीब 100 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। यह दावा एक रिपोर्ट में किया है। भारत ने 28 सितंबर को खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप का खिताब जीता था। भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इससे नाराज नकवी ट्रॉफी और मेडल्स अपने साथ ले लेकर चले गए। ऐसे में भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी और मेडल के लौटना पड़ा था। भारत ने यह स्टैंड पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में लिया था।
बीसीसीआई को एशिया कप के कारण इंटरनेशनल टूअर के मद में 109.44 करोड़ का फायदा होगा। बीसीसीआई को 2025-26 के फाइनांशियल ईयर में 6700 करोड़ रुपए के फायदे की उम्मीद है। जो कि 2017-18 में मिले 666 करोड़ रुपए से 10 गुना ज्यादा है। इंडियन प्रीमियर लीग के वैल्यूएशन में लगातार दूसरे साल गिरावट आई है, जो कि करीब 16000 करोड़ रुपए है।
महिलाओं के घरेलू क्रिकेट पर पुरुषों की तुलना में 3.5 गुना कम खर्च
बीसीसीआई के खर्चों की बात करें तो बोर्ड इस साल महिलाओं के डोमेस्टिक क्रिकेट में करीब 96 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। जो कि वूमंस प्रीमियर लीग से हुए फायदे का 26 फीसदी है। बोर्ड को पिछले सीजन में डब्ल्यूपीएल से करीब 350 करोड़ रुपए का फायदा हुआ था। भारतीय बोर्ड पुरुषों के घरेलू क्रिकेट में करीब 344 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। 111 करोड़ रुपए तो अकेले आईपीएल में खर्च किए जा रहे हैं। महिला क्रिकेट में रणजी के जैसा कोई घरेलू टूर्नामेंट भी नहीं है।




