राजनीति

कौन बनेगा बीजेपी अध्यक्ष, जल्द होने वाली है घोषणा? शीर्ष नेताओं की लगातार बैठकों से मिले ये बड़े संकेत

नई दिल्ली: संसद परिसर में बुधवार को बीजेपी के शीर्ष नेताओं की लगातार बैठकों ने पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद कार्यालय में हुई इन बैठकों में गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष मौजूद थे। तीनों ने पीएम से एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा की। बीजेपी नेतृत्व भले ही चुप्पी साधे रहा, लेकिन बुधवार को हुई लगातार बैठकों ने सियासी हलचल बढ़ा दी। पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ बैठक से पहले संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने प्रधानमंत्री से अलग से मुलाकात की। इसके बाद चारों नेताओं की बैठक हुई और फिर शाह, नड्डा और संतोष के बीच एक और बैठक हुई।

किसी भी समय नए अध्यक्ष का ऐलान

बी.एल. संतोष की मौजूदगी को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि पार्टी किसी भी समय नए अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है। हालांकि भाजपा नेताओं ने बैठक के एजेंडे पर चुप्पी साधे रखी और किसी तरह की पुष्टि नहीं की। इससे पहले शाह, नड्डा और संतोष ने गृहमंत्री के संसद कार्यालय में भी संक्षिप्त बैठक की थी।

बैठकों से अध्यक्ष के ऐलान की उम्मीद बढ़ी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, भले ही बातचीत का विवरण सामने नहीं आया, लेकिन लगातार बैठकों ने इस उम्मीद को बढ़ा दिया है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा जल्द हो सकती है। साथ ही उत्तर प्रदेश में पार्टी के राज्याध्यक्ष को लेकर भी फैसला लंबित है।

झारखंड में संभावित राजनीतिक फेरबदल

बैठकों को झारखंड में संभावित राजनीतिक फेरबदल से भी जोड़ा जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ गठबंधन-JMM, RJD और कांग्रेस-के रिश्तों में खटास की खबरें हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हालिया दिल्ली यात्राओं ने भी सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।

बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव के लिए नियम क्या हैं?

यूपी में चुनाव को पार्टी अध्यक्ष पद के राष्ट्रीय चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो पिछले तीन वर्षों से टल रहा है। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा को कई बार कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 19 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव आवश्यक हैं, जबकि अब तक 29 राज्य इकाइयों में चुनाव पूरे हो चुके हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “उत्तर प्रदेश अनिवार्य नहीं है, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रधानमंत्री इसी राज्य से सांसद हैं।”
सूत्रों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष का चुनाव संभवतः 2026 में हो सकता है, क्योंकि इस समय खरमास का अशुभ काल चल रहा है। जनवरी मध्य में उत्तरायण पर्व के साथ खरमास समाप्त होगा, जिसके बाद चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है।

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