खाना नहीं बनाया तो बांके से वार, पत्नी की हुई मौत; पति गिरफ्तार

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गर्भवती पत्नी की हत्या मामले में आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के साथ ही पत्नी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पहले से दावा किया जा रहा था कि पति और पत्नी के बीच शराब पीने को लेकर बहस चल रही थी। पत्नी शराब पीने से टोक रही थी। इसको लेकर रविवार की रात दोनों के बीच बहस शुरू हुई। इसके बाद पति ने खाना न बनने के मुद्दे पर पत्नी कोसना शुरू किया। देखते ही देखते ही गुस्साए पति ने बांके से हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पति मौके से फरार हो गया। सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के सर्देपुर गांव में रविवार रात गर्भवती पत्नी और मासूम बेटे की हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोपी पति को सोमवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह भागने की फिराक में जंगलों में घूम रहा था। इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड बनकर उसे पकड़ा। पुलिस ने उससे हत्या में इस्तेमाल किए गए बांके को भी बरामद कर लिया है।
पत्नी पर लगाया आरोप
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी पति ने बताया कि पत्नी ने खाना नहीं बनाया तो गुस्से में बांके से हमला कर उसे मार डाला। नशे में उसने बेटे पर भी हमला कर दिया था। इससे उसकी भी जान चली गई। रविवार रात सर्देपुर गांव के सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी ने 35 वर्षीय पत्नी रुबी और ढाई साल के बेटे लवांश की बांके से हत्या कर दी थी।
रूबी का भाई राजू जब उनके घर पहुंचा तो उसने वहां रक्तरंजित शव पड़े देखे। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद बांका लेकर फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी रही।
पुलिस को मिली थी सूचना
घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट को सोमवार को सूचना मिली कि आरोपित जंगलों के रास्ते भागने की फिराक में है। इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड की ड्रेस पहनी और पीछा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने एक गेहूं के खेत से हत्या में प्रयुक्त हथियार और घटना के दौरान पहने जैकेट को छुपाया था। पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मामले में कहा कि इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने आरोपी को गांव के पास से ही गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस हिरासत में आरोपी सुरेंद्र घटना को लेकर बेहद दुखी था। उसने बताया कि रविवार रात 7:30 बजे वह नशे में घर पहुंचा और पत्नी से खाना मांगा। उसने खाना नहीं बनाया, इसके बाद यह घटना हो गई।
बेटे को पढ़ाने की थी इच्छा
आरोपी के घर के पास ही मैदान में 90 वर्षीय मां सियादुलारी अकेली बैठी थीं। घटना के बारे में लोगों ने जब उनसे सवाल किया तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। वह अपने पोते को याद कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र अपने बेटे को पढ़ाना चाहता था। वह हमेशा कहता था कि चाहे मजदूरी करनी पड़े, लेकिन बेटे को पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि रात को भी उसका बेटा कुछ मांगता तो सुरेंद्र उसे लाकर देता था। इसके लिए वह घाटमपुर भी चला जाता था। उसने कैसे यह कर दिया?




