संपादकीय

‘खेल-कोच’ ही करने लगे अपनी शिष्याओं का यौन शोषण!

बलात्कार और यौन शोषण की बुराई समाज के हर क्षेत्र में फैलती जा रही है। यहां तक कि शिक्षा और खेल संस्थानों में भी अध्यापकों और कोचों द्वारा अपने अधीन पढऩे या प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं या खिलाडिय़ों से बलात्कार, यौन शोषण व उत्पीडऩ की शिकायतें आम हो गई हैं जिनकी एक वर्ष की कुछ घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : 

* 7 जनवरी, 2025 को ‘हरिद्वार’ (उत्तराखंड) में एक नाबालिग हाकी खिलाड़ी को बहाने से अपने होटल के कमरे में बुला कर उससे बलात्कार करने के आरोप में एक कोच को गिरफ्तार किया गया।
* 31 जनवरी, 2025 को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘पनकी’ इलाके में स्थित एक क्रिकेट कोचिंग अकैडमी में कोचिंग के लिए जाने वाली एक 12 वर्षीय किशोरी ने अपने कोच पर उसे नशा पिलाकर उससे बलात्कार करने और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
* 29 मार्च, 2025 को ‘खरड़’ (पंजाब) पुलिस ने एक स्पोर्ट्स कोच के विरुद्ध एक 19 वर्षीय छात्रा को एक खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका दिलवाने का झांसा देकर सोलन (हिमाचल प्रदेश) के एक होटल में ले जाकर नशा पिला कर उससे बलात्कार करने के आरोप में केस दर्ज किया। 

* 6 अप्रैल, 2025 को ‘बेंगलुरू’ (कर्नाटक) के ‘हुलीमावू’ में एक 16 वर्षीय छात्रा को खेल के ‘टिप’ देने के बहाने अपने घर ले जाकर उससे 2 वर्ष तक लगातार बलात्कार करने तथा 8 अन्य नाबालिगों के न्यूड वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने एक 26 वर्षीय बैडमिंटन कोच ‘सुरेश बालाजी’ को गिरफ्तार किया।

* 21 जून, 2025 को ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) में एक 10  वर्षीय अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी का यौन शोषण करने के आरोप में उसके कोच ‘मनीष’ उर्फ ‘मैक्स’ को विशेष न्यायाधीश पोक्सो कानून ‘संगीता’ की अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई।
* 27 जून, 2025 को ‘पुणे’ (महाराष्ट्र) में एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के 2 संचालकों ‘विजय पवार’ तथा ‘प्रशांत खटावकर’ के विरुद्ध 12वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा का जुलाई 2024 से मई 2025 के बीच कई बार यौन शोषण करने के आरोप में केस दर्ज किया गया। 

* और अब 6 जनवरी, 2026 को ‘फरीदाबाद’ (हरियाणा) में राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग कोच ‘अंकुश भारद्वाज’ के विरुद्ध एन.आई.टी. महिला थाने में ‘पोक्सो एक्ट’ के अंतर्गत दर्ज करवाई गई एफ.आई.आर. में एक 17 वर्षीय नाबालिग निशानेबाज ने उसे ‘परफारमैंस रिव्यू’ के बहाने सूरजकुंड के एक होटल में बुलाकर वहां उसका यौन उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, कोच ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसका करियर बर्बाद कर देगा। इस घटना के सामने आने के बाद 8 जनवरी, 2026 को नैशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जांच पूरी होने तक कोच को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

कोचों द्वारा खिलाडिय़ों के यौन शोषण का शिकार होने के पीछे एक कारण यह भी है कि खेल संस्थानों में महिला कोचों की संख्या बहुत कम है। लिहाजा जहां महिला खिलाडिय़ों की पुरुष कोचों पर निर्भरता कुछ कम करने के लिए खेल संस्थानों में सभी स्तरों पर महिला कोचों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है, वहीं दोषी कोचों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी जरूरत है ताकि इस बुराई पर रोक लग सके। इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं में पढ़ाने वाले अध्यापकों के बारे में संस्थाएं पहले पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही उन्हें नौकरी पर रखें। इसके साथ ही अभिभावकों को भी अपने बच्चों को ऐसे मामलों में जागरूक करना चाहिए ताकि वे इस तरह के यौन अपराधों की शिकार होने से बच सकें

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